श्रीनगर, एएनआइ/आइएएनएस। जम्‍मू-कश्‍मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्‍टर में पाकिस्‍तान ने रविवार को सीज फायर तोड़ा जिसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए। इस नापाक गोलीबारी में एक नागरिक की भी मौत हुई है जबकि तीन अन्‍य घायल हो गए हैं। पाकिस्‍तान की इस कार्रवाई का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए तोपों से PoK (गुलाम कश्‍मीर) में आतंकियों के लॉन्चिंग पैड्स को निशाना बनाया। भारत की इस कार्रवाई में 22 आतंकियों के मारे जाने की खबरें हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पाकिस्‍तान ने इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है।  

सीमा पर भारी गोलीबारी के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल बिपित रावत से बात की और हालात की जानकारी ली। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रक्षा मंत्री खुद इन हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। सेना प्रमुख को सीमा पर हो रही हर गतिविध‍ि से केंद्र को अवगत कराते रहने को कहा गया है। पाकिस्तान की गोलीबारी में कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के मनियारी गांव में एक मकान ध्‍वस्‍त हो गया। एक चावल का गोदाम भी पूरी तरह बर्बाद हो गया है। इसके अलावा कारें और दो गौशालाएं ध्‍वस्‍त हो गई हैं। 

गांव के लोगों ने बताया कि हम भाग्‍यशाली थे कि हमारे बच्‍चे घर में मौजूद नहीं थे। इन गोशालाओं में 19 पशु और भेड़ें थीं। हम प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हैं वो पाकिस्‍तान को कड़ा जवाब दें। हम पहले से ही पाकिस्‍तान की गोलीबारी से प्रभावित हैं। वहीं पाकिस्‍तान ने दावा किया है कि उसकी गोलीबारी में नौ भारतीय जवान मारे गए हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि भारतीय फौज की कार्रवाई में एक पाकिस्‍तानी फौजी एवं तीन नागरिकों की मौत हो गई है। जबकि दो पाकिस्‍तानी जवान और पांच नागरिक घायल हो गए हैं। 

सेना के सूत्रों ने बताया कि गोलीबारी की आड़ में पाकिस्‍तानी फौज ने आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश की, जिसका भारतीय सेना (Indian Army) ने मुंहतोड़ जवाब दिया। बता दें कि इस साल फरवरी के बाद से पाकिस्‍तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन के मामलों में भारी इजाफा हुआ है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद तो इसमें और तेजी देखी गई है। दरअसल, अनुच्‍छेद-370 हटाए जाने के बाद पाकिस्‍तानी सेना में भारी बौखलाहट है। पाकिस्तानी फौज सीमा पार फायरिंग की आड़ में आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने की लगातार कोशिशें कर रही है। हालांकि, भारतीय सेना की मुस्‍तैदी के कारण उसे बार बार मुंह की खानी पड़ रही है।

समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल नौ महीनों के दौरान जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्‍लंघन की घटनाएं बीते पांच वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा रही हैं। भारतीय सेना की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में बीते दो अक्टूबर तक 2,225 बार सीजफायर तोड़ा। यदि प्रतिदिन के हिसाब से देखें तो पाकिस्‍तान ने उक्‍त अवधि में एक दिन में औसतन आठ बार सीजफायर तोड़ा है। 

साल 2018 में पाकिस्तान ने कुल 1,629 बार सीजफायर तोड़ा था। भारतीय रक्षा अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तान ने इस साल फरवरी में बालाकोट हवाई हमलों के बाद से सीमा पार से होने वाली गोलीबारी को बढ़ा दिया है। यही नहीं बीते अगस्त में अनुच्‍छेद-370 को हटाए जाने के बाद तो इसमें और तेजी आ गई है। सेना की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बीते 02 अक्टूबर तक एलओसी के पास और जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों में 123 आतंकी वारदातें हुई हैं। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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