यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'दुनिया की कोई ताकत भारत को निर्देश ना दे', भारत-पाक संघर्ष को लेकर ट्रंप के दावे पर बोले उपराष्ट्रपति धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत को अपने मामलों को कैसे संभालना है इस बारे में कोई भी बाहरी ...और पढ़ें

HighLights
- ट्रंप का नया दावा, भारत-पाक संघर्ष के दौरान मार गिराए गए पांच लड़ाकू विमान
- उपराष्ट्रपति बोले- देश की जनता को बाहरी नैरेटिव से प्रभावित नहीं होना चाहिए
पीटीआई, नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कहा कि लोगों को बाहरी नैरेटिव से प्रभावित नहीं होना चाहिए, क्योंकि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को यह निर्देश नहीं दे सकती कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है। देश के सभी निर्णय हमारे नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं।
उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत आपसी सहयोग से काम करता है, परस्पर सम्मान रखता है और अन्य देशों के साथ कूटनीतिक संवाद करता है। लेकिन, अंतत: हम संप्रभु हैं। हम अपने फैसले खुद लेते हैं।
ट्रंप के बयान पर छिड़ा राजनीतिक विवाद
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब विपक्ष भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है।
धनखड़ ने भारतीय रक्षा संपदा सेवा के प्रशिक्षुओं से कहा कि बाहरी बातों से प्रभावित न हों। हर खराब गेंद को खेलना जरूरी नहीं है। क्या यह माथापच्ची करने की जरूरत है कि किसने क्या कहा? जो क्रिकेट के मैदान पर अच्छे रन बनाता है, वह हमेशा खराब गेंदें छोड़ता है। वे लुभावनी होती हैं, लेकिन कोशिश नहीं की जाती। और जो कोशिश करते हैं, उनके लिए विकेटकीपर के सुरक्षित दस्ताने और गली (क्षेत्ररक्षण) में कोई और होता है।
