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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तिरुपति प्रसाद विवाद पर जगन रेड्डी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, झूठ फैलाने के लिए नायडू को फटकार लगाने की मांग

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Sun, 22 Sep 2024 04:22 PM (IST)

Tirupati laddu Row तिरुपति मंदिर प्रसाद विवाद पर आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगन रेड्डी ने पीएम मोदी को पत्र ...और पढ़ें

जगन रेड्डी ने कहा कि नायडू ने सीएम के कद को गिराया है। (File Image)
जगन रेड्डी ने कहा कि नायडू ने सीएम के कद को गिराया है। (File Image)

HighLights

  1. जगन रेड्डी ने पूरे मामले में पीएम से की हस्तक्षेप की मांग।
  2. झूठ फैलाने के लिए नायडू को फटकार लगाने को कहा।

पीटीआई, अमरावती। तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट को लेकर मचे बवाल के बीच आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्न मोहन रेड्डी ने पीएम मोदी को पत्र लिखते हुए चंद्रबाबू नायडू की शिकायत की है। जगन ने नायडू को फटकार लगाने के लिए पीएम से हस्तक्षेप करने की भी मांग की है। जगन रेड्डी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर चंद्रबाबू नायडू को आदतन झूठा करार देते हुए कहा कि नायडू इतने नीचे गिर गए हैं कि उन्होंने केवल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है।

जगन रेड्डी ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी के अति-समृद्ध मंदिर के संरक्षक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में घी स्वीकार करने की प्रक्रिया का विवरण देते हुए आठ पन्नों के पत्र में आरोप लगाया कि नायडू के कार्यों ने न केवल सीएम के कद को गिराया है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में टीटीडी की पवित्रता और इसकी प्रथाओं को भी गिराया है।

पूरा देश आपकी ओर देख रहा है: जगन

जगन ने पीएम मोदी को भेजे गए पत्र में लिखा, 'सर, पूरा देश इस महत्वपूर्ण मोड़ पर आपकी ओर देख रहा है। यह बहुत जरूरी है कि झूठ फैलाने के उनके बेशर्म कृत्य के लिए श्री नायडू को कड़ी फटकार लगाई जाए और सच्चाई को सामने लाया जाए। सर, इससे करोड़ों हिंदू भक्तों के मन में श्री नायडू द्वारा पैदा किए गए संदेह को दूर करने और टीटीडी की पवित्रता में उनके विश्वास को बहाल करने में मदद मिलेगी।'

जगन रेड्डी ने पीएम मोदी को मामले का विवरण देते हुए कहा कि कथित रूप से मिलावटी घी को अस्वीकार कर दिया गया था और टीटीडी के परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि, नायडू ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से 18 सितंबर को एक राजनीतिक पार्टी की बैठक में इस मुद्दे को उठाया।

नायडू ने लगाया था आरोप

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले एनडीए विधायक दल की बैठक के दौरान, टीडीपी सुप्रीमो ने दावा किया कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं छोड़ा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल किया।