यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वक्फ संशोधन बिल का तीन मुस्लिम संगठनों ने किया समर्थन, भाजपा जनता को करेगी जागरूक
वक्फ संशोधन बिल पर सत्ता और विपक्षी सदस्यों में तीखी नोकझोंक के बीच आरएसएस से जुड़े तीन मुस्लिम संगठनों ने ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल पर सत्ता और विपक्षी सदस्यों में तीखी नोकझोंक के बीच आरएसएस से जुड़े तीन मुस्लिम संगठनों ने शुक्रवार को संसदीय समिति के समक्ष वक्फ कानून में प्रस्तावित संशोधनों का समर्थन किया।
अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीं परिषद, आरएसएस से जुड़े राष्ट्रीय मुस्लिम मंच और एनजीओ भारत फस्ट ने वक्फ (संशोधन) बिल पर संयुक्त समिति के समक्ष अलग-अलग अपनी प्रस्तुतियां दीं, तो कुछ विपक्षी सदस्यों ने उनके दावों में खामियां खोजने की कोशिश की।
बैठक में शिवसेना शिंदे गुट के सदस्य नरेश म्हस्के ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि उन्हें दूसरे पक्ष की बात सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस सुझाव के बाद राजग और विपक्ष के बीच थोड़ी देर के लिए नोकझोंक हुई।
कुछ विपक्षी सदस्यों ने पूछा, 'समिति के समाने पेश हुए सूफी शाह मलंग संप्रदाय के फकीर क्या मुस्लिम समुदाय का हिस्सा हैं।' इसके साथ ही समिति विभिन्न हितधारकों से मिलने के लिए 26 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु की यात्रा करने वाली है।
