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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मणिपुर में हिंसा का दौर जारी, नहीं थम रही गोलीबारी; कुकी थोवई गांव में तीन लोगों के मिले क्षत-विक्षत शव

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Fri, 18 Aug 2023 12:17 PM (IST)

जातीय संघर्षग्रस्त मणिपुर में हिंसा (Manipur Violence) के ताजा दौर में शुक्रवार को उखरूल जिले के कुकी थोवई गांव में ...और पढ़ें

Manipur Violence: कुकी थोवई गांव में भारी गोलीबारी के बाद तीन युवकों के मिले क्षत-विक्षत शव
Manipur Violence: कुकी थोवई गांव में भारी गोलीबारी के बाद तीन युवकों के मिले क्षत-विक्षत शव

HighLights

  1. मणिपुर में हिंसा का दौर जारी
  2. कुकी थोवई गांव में भारी गोलीबारी के बाद तीन युवकों के मिले क्षत-विक्षत शव
  3. मणिपुर में तीन मई से भड़की है हिंसा

इम्फाल,पीटीआई। Manipur Violence: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शुक्रवार को उखरूल जिले के कुकी थोवई गांव में देखने को मिला, जहां भारी गोलीबारी के बाद तीन युवकों के क्षत-विक्षत शव मिले। 

तीन युवकों के मिले शव

अधिकारियों ने बताया कि लिटन पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गांव से सुबह-सुबह भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा आसपास के गांवों और वन क्षेत्रों में गहन तलाशी के बाद 24 साल से 35 साल की उम्र के तीन युवकों के शव पाए गए। 

अधिकारियों ने कहा कि तीनों लोगों के शरीर पर तेज चाकू से चोट के निशान हैं। उनके अंग भी कटे हुए हैं।

तीन मई से भड़की हिंसा

अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद तीन मई को पूर्वोत्तर राज्य में जातीय झड़पें हुईं। मणिपुर की आबादी में मेइतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं। वहीं, आदिवासी नागा और कुकी की आबादी 40 प्रतिशत से कुछ अधिक हैं। वे पहाड़ी जिलों में रहते हैं।