भारत और चीन सावधानी और सजगता से संबंधों को कर रहे गहरा, अमेरिकी टैरिफ के बाद दोनों देशों ने उठाए रचनात्मक कदम
साल 2018 के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार शाम चीन पहुंच गए। पीएम के इस दौरे को भारत और चीन के बीच संबंधों को सुधारने के लिए अहम और बहुतप्रतीक्षित राजनयिक अवसर माना जा रहा है। चीन पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

आईएएनएस, तियानजिन। साल 2018 के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार शाम चीन पहुंच गए। पीएम के इस दौरे को भारत और चीन के बीच संबंधों को सुधारने के लिए अहम और बहुतप्रतीक्षित राजनयिक अवसर माना जा रहा है।
2020 के संघर्ष के बाद पीएम मोदी की चीन की ये पहली यात्रा
चीन पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। वह रविवार को सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे।गलवन घाटी में 2020 के संघर्ष के बाद पीएम मोदी की चीन की ये पहली यात्रा है।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को फिर से सामान्य बनाना है। हाल ही में, दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने, सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने और सीधी उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने जैसे कई उपायों की घोषणा की है।
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार मजबूत बना
व्यापार में तनाव के बावजूद भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार मजबूत बना हुआ है। दोनों देशों में कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का स्वागत किया गया है, जिसने दोनों देशों के बीच सबसे पुराने और सबसे प्रतीकात्मक सांस्कृतिक संबंधों को फिर से सक्रिय कर दिया है। दोनों पक्ष अपने नागरिकों के लिए वीजा जारी करने को फिर से शुरू करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिका के लगाए गए टैरिफ के बाद भारत का चीन की ओर झुकाव
अमेरिका के लगाए गए टैरिफ के मद्देनजर, भारत और चीन दोनों ही वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करने के महत्व को समझते हैं। चीन ने हाल ही में भारत को उर्वरक, दुर्लभ पृथ्वी खनिज और टनल बोरिंग मशीन के निर्यात पर लगे लंबे समय से चल रहे प्रतिबंधों को हटा दिया है, जिसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिलेंगे
अमेरिका के साथ संबंधों में आई खटास ने भारत को अपनी व्यापारिक और भू-राजनीतिक रणनीति में विविधता लाने के लिए प्रेरित किया है। चीन यात्रा के दौरान, मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिलेंगे, जिससे भारत को अपनी बहुध्रुवीय विदेश नीति को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह यात्रा भारत के लिए एक नाजुक संतुलन बनाने का मौका है, जिसमें वह अमेरिका के टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए नए सहयोगियों की तलाश कर रहा है, जबकि अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को भी बनाए रखेगा।
चीनी महिला बोली- मुझे मोदी से प्यार है, मुझे भारत से प्यार है
भारतीय नागरिक से शादी करनेवाली एक चीनी महिला पीएम मोदी का चीन की धरती पर भव्य स्वागत देखकर भाव विह्वल हो उठी। भावुक होकर उन्होंने कहा कि मुझे मोदी से प्यार है, मुझे भारत से प्यार है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। बिनहाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का चीन और भारत के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। होटल पहुंचने पर पीएम मोदी के सम्मान में भव्य सांस्कृतिक आयोजन हुए।
एससीओ में हमारी सकारात्मक और सक्रिय भूमिका- पीएम मोदी
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर ट्वीट किया कि पीएम मोदी का चीन में भव्य स्वागत ये साबित करता है कि एससीओ में हमारी सकारात्मक और सक्रिय भूमिका है। होटल में भारतीय समुदाय ने एकत्र होकर पीएम का स्वागत किया।
पीएम मोदी ने झिंघुई की प्रशंसा की
पीएम के स्वागत में एक चीनी नर्तक झांग झिंघुई ने ओडिशी नृत्य प्रस्तुत किया। पीएम मोदी ने उनके पूछा कि उन्होंने ये कहां से सीखा। इस पर थोड़ी घबराई झिंघुई ने कहा कि उसने कोलकाता में ये नृत्य सीखा है। पीएम मोदी ने झिंघुई की प्रशंसा की।
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