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    Bihar SIR: राजनीतिक दलों ने आपत्तियां दर्ज कराने का समय बढ़ाने की मांग की, अब सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 01:00 AM (IST)

    बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) में लोगों के आपत्ति दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग वाली राष्ट्रीय जनता दल और एआइएमआइएम की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार एक सितंबर को सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर शनिवार को अपलोड आदेश के मुताबिक दोनों अर्जियों पर एक सितंबर यानी सोमवार को सुनवाई होगी।

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    राजनीतिक दलों ने आपत्तियां दर्ज कराने का समय बढ़ाने की मांग की

     जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) में लोगों के आपत्ति दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग वाली राष्ट्रीय जनता दल और एआइएमआइएम की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार एक सितंबर को सुनवाई करेगा।

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    दोनों अर्जियों पर एक सितंबर यानी सोमवार को सुनवाई होगी

    सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर शनिवार को अपलोड आदेश के मुताबिक दोनों अर्जियों पर एक सितंबर यानी सोमवार को सुनवाई होगी। जबकि शुक्रवार को वेबसाइट पर जो आदेश अपलोड हुआ था उसमें दोनों राजनीतिक दलों की अर्जियों पर अगले सोमवार यानी आठ सितंबर को मुख्य मामले के साथ सुनवाई किये जाने की बात कही गई थी।

    आपत्तियां दाखिल करने का समय एक सितंबर को समाप्त हो रहा है। दोनों राजनीतिक दलों के वकीलों ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत, जोयमाल्या बाग्ची और विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष इन नयी अर्जियों का जिक्र करते हुए मामले पर जल्दी सुनवाई का अनुरोध किया था।

     करीब 95000 आपत्तियां और दाखिल हुई हैं

    राजद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील शोएब आलम और प्रशांत भूषण तथा एआइएमआइएम के वकील निजाम पाशा ने आपत्तियां दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने की मांग करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के गत 22 अगस्त के आदेश तक कुल 84000 आपत्तियां दाखिल हुई थीं जबकि आदेश के बाद एक सप्ताह में करीब 95000 आपत्तियां और दाखिल हुई हैं।

    आपत्तियों के बढ़ती संख्या को देखते हुए समय बढ़ाए जाने की जरूरत

    आपत्तियों के बढ़ती संख्या को देखते हुए समय बढ़ाए जाने की जरूरत है। कोर्ट ने जब पूछा कि क्या उन्होंने इस संबंध में चुनाव आयोग से अनुरोध किया है तो प्रशांत भूषण का कहना था कि अनुरोध किया था लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने अर्जियों को सोमवार को सुनवाई पर लगाने का आदेश दिया।

    एक सितंबर को सुनवाई की तिथि तय

    हालांकि शुक्रवार की शाम जो आदेश वेबसाइट पर अपलोड हुआ उसमें सुनवाई की तारीख अगले सोमवार आठ सितंबर की थी जिसके बाद अर्जीकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट मास्टर से संपर्क किया और कहा कि कोर्ट ने सोमवार यानी एक सितंबर को सुनवाई की तिथि दी है ना कि अगले सोमवार आठ सितंबर की। उसके बाद शनिवार को यह संशोधित आदेश अपलोड हुआ जिसमें एक सितंबर को सुनवाई की तिथि तय है।