सिपाही पर फर्जी हमले का आरोप: यूथ लीग ने BJP के अनिल एंटनी पर साधा निशाना, फेक न्यूज फैलाने का लगाया आरोप
कोल्लम जिले के कडक्कल के रहने वाले एक सैनिक ने दावा किया था कि छह लोगों के एक समूह ने उस पर हमला किया थाजिन्होंने उसकी पीठ पर हरे रंग से पीएफआई लिखा था।बाद में पता चला कि सिपाही ने घटना को फर्जी करार दिया था। इस घटना को लेकर यूथ लीग के नेता पी के फिरोज ने फर्जी दावे के प्रचार पर भाजपा प्रवक्ता अनिल एंटनी पर निशाना साधा।

तिरुवनंतपुरम, एजेंसी। यूथ लीग के नेता पी के फिरोज ने समाज में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने के लिए एक सैनिक द्वारा हाल ही में किए गए फर्जी दावे के प्रचार पर भाजपा प्रवक्ता अनिल एंटनी और मीडिया के एक वर्ग पर निशाना साधा है।
कोल्लम जिले के कडक्कल के रहने वाले सैनिक ने दावा किया था कि छह लोगों के एक समूह ने उस पर हमला किया था, जिन्होंने उसकी पीठ पर हरे रंग से 'पीएफआई' लिखा था। बाद में पता चला कि सिपाही ने घटना को फर्जी करार दिया था। पीएफआई को आमतौर पर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को के नाम से जाना जाता है, जो एक इस्लामी राजनीतिक संगठन है जिसे पिछले साल केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी की युवा शाखा के महासचिव फिरोज ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि भाजपा के अनिल और दक्षिणपंथी कार्यकर्ता प्रतीश विश्वनाथ उन लोगों में से थे जिन्होंने जानबूझकर समाज में फर्जी खबर फैलाई है।
सरकार फर्जी खबर फैलाने वालों पर करें कार्रवाई
सरकार से फर्जी खबर प्रचारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए फिरोज ने कहा कि यूथ लीग जल्द ही इस संबंध में डीजीपी के पास शिकायत दर्ज कराएगी।
फिरोज ने कहा कि मीडिया हाउस और कुछ लोग हैं जिन्होंने जानबूझकर इस खबर को समाज में फैलाया... अनिल एंटनी और प्रतीश विश्वनाथ ऐसे लोगों में से थे। ऐसे लोग भी हैं जो सच्चाई जानने के बाद भी सुधार करने के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए, सरकार को उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
फिरोज ने कहा कि सिपाही और उसके दोस्त को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन केवल इससे ही समस्या का अंत नहीं होता। आमतौर पर मीडिया को ऐसे मामलों में सुधार और माफी जारी करना चाहिए। हालांकि समाचार से होने वाली क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती है।
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