टीआरएस नेता के. कविता ने की भारत में दुष्कर्म कानूनों को मजबूत करने की अपील
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की नेता कलवकुंतला कविता ने शनिवार को महिलाओं के खिलाफ हो रहे आपराधिक मामलों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कानून मंत्री किरेन रिजिजू और भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना से भारत में दुष्कर्म कानूनों को मजबूत करने की अपील की है ।

हैदराबाद, एएनआइ। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की नेता कलवकुंतला कविता ने शनिवार को महिलाओं के खिलाफ हो रहे आपराधिक मामलों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। उन्होंने दुष्कर्म जैसा कुकर्म करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बता दें कि नेता कलवकुंतला ने कानून मंत्री किरेन रिजिजू और भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना से भारत में दुष्कर्म कानूनों को मजबूत करने की अपील की है ।
तेलंगाना राष्ट्र समिति की नेता कलवकुंतला कविता ने कहा
तेलंगाना राष्ट्र समिति की नेता कलवकुंतला कविता ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 1992 के अजमेर दुष्कर्म मामले के लंबित न्याय का हवाला देते हुए ट्वीट कर लिखा, '30 साल हो गए हैं और पीड़ितों को न्याय मिलना बाकी है, मैं विनम्रतापूर्वक सीजेआई रमना और किरेन रिजिजू से अपील करती हूं कि वे कानून और नीतियां बनाने पर विचार करें जो हमारी महिलाओं को त्वरित न्याय की आशा देते हैं।'
आपको बता दें कि निजामाबाद एमएलसी कल्वाकुंतला ने एक ट्वीट के जवाब में ट्वीट किया, जिसमें राजस्थान के पोक्सो कोर्ट रूम में हुई एक घटना के बारे में बात की गई थी। इस घटना में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने जज, वकील और आरोपी पर चिल्लाते हुए कहा कि उसे 30 साल से बार-बार अदालत क्यों बुलाया जा रहा है।
क्या है 1992 अजमेर दुष्कर्म मामला
अजमेर दुष्कर्म मामले को तीन दशक हो गए हैं, लेकिन अभी भी इसपर मुकदमा चल रहा है। पुलिस ने प्रभावशाली खादिमों के परिवारों से इस मामले से संबंधित कुल 18 लोगों को आरोपित किया था। 1992 में मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद इस घटना की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अप्रैल 1992 में, कई युवतियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और वीडियो रिकार्डिंग और कुछ आपत्तिजनक तस्वीरों के साथ चुप रहने के लिए ब्लैकमेल किया गया था। यह प्रक्रिया लंबे वक्त तक जारी रही, जिसमें आरोपी ने अपने दोस्तों को लुभाने के लिए पीड़िता का इस्तेमाल करता था। इस मामले के सार्वजनिक होते ही, अजमेर में चारों ओर अफवाहें फैल गईं कि कई स्कूल और कॉलेज जाने वाली कई पीड़ित लड़कियों में से अधिकांश ने आत्महत्या कर ली है।
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