हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास विवादित 400 एकड़ जमीन पर चल रहे काम पर 24 घंटे की रोक, तेलंगाना HC का आदेश
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 400 एकड़ कांचा गाचीबोवली भूमि पर पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगाई है। यह फैसला वात फाउंडेशन और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रों की जनहित याचिका पर आया। अदालत ने अधिकारियों को 3 अप्रैल तक भूमि पर सभी कार्य रोकने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई में इस भूमि के पर्यावरणीय प्रभाव और कानूनी स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बुधवार को हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के पास कांचा गाचीबोवली में 400 एकड़ भूमि पर चल रहे काम को 24 घंटे के लिए रोक दिया। न्यायालय ने यह अंतरिम आदेश छात्रों और वात फाउंडेशन द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पारित किया।
यह आदेश वात फाउंडेशन और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (एचसीयू) के छात्रों द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) के जवाब में आया है। अदालत ने अधिकारियों को कल यानी 3 अप्रैल तक भूमि पर काम बंद करने का निर्देश दिया है, जब अगली सुनवाई होनी है।
याचिकाकर्ताओं ने यह तर्क देते हुए रोक लगाने की मांग की थी कि तेलंगाना औद्योगिक अवसंरचना निगम (टीजीआईआईसी) सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करते हुए बुलडोजर से पेड़ों को काट रहा है।
उन्होंने तर्क दिया कि भले ही भूमि पिछले वर्ष जून में राज्य सरकार के आदेश के अनुसार टीजीआईआईसी को आवंटित की गई हो, फिर भी कंपनी को पेड़ों को उखाड़ने और जमीन को समतल करने के लिए भारी वाहनों के उपयोग के संबंध में शीर्ष अदालत के आदेशों का पालन करना होगा।
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