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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शिपबिल्डिंग हब बनने के लिए तमिलनाडु ने उठाया बड़ा कदम, 55 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

Published: Sun, 21 Sep 2025 11:25 AM (IST)

तमिलनाडु सरकार ने राज्य को शिपबिल्डिंग हब बनाने के लिए 30000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। इस ...और पढ़ें

शिपबिल्डिंग में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा तमिलनाडु। फाइल फोटो
शिपबिल्डिंग में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा तमिलनाडु। फाइल फोटो

HighLights

  1. तमिलनाडु को शिपबिल्डिंग हब बनाने के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम।
  2. तमिलनाडु सरकार शिपबिल्डिंग में करेगी 30,000 करोड़ रुपये का निवेश।
  3. तमिलनाडु में 55,000 नई नौकरियां उत्पन्न होने का अनुमान।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु तेजी से शिपबिल्डिंग हब के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने जहाज निर्माण के 2 मेगा प्रोजेक्ट में 30,000 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है। इसके लिए एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। इस निवेश से राज्य में 55,000 नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड 15,000 करोड़ रुपये की लगात से वर्ल्ड क्लास कमर्शियल शिपयार्ड स्थापित करेगी। इससे राज्य में 10,000 नई नौकरियां उत्पन्न होने का अनुमान है।

वहीं, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड भी 15,000 करोड़ रुपये की लगात से वैश्विक स्तर का शिपयार्ड बनाएगी। इससे राज्य में लगभग 45,000 नौकरियां उत्पन्न होंगी।

तमिलनाडु सरकार का प्लान

दरअसल तमिलनाडु सरकार जल्द ही समुद्री परिवहन विनिर्माण नीति 2025 (Tamil Nadu Maritime Transport Manufacturing Policy 2025) लाने की योजना बना रही है। इसी के तहत सरकार ने स्पेशल MoU साइन करते हुए शिपबिल्डिंग में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसला किया है।

तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा के अनुसार,

हम बहुत खुश हैं कि तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार साथ मिलकर कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड को राज्य में ला रही हैं। हमें उम्मीद है कि हमें अन्य शिपयार्ड के साथ भी काम करने का मौका मिलेगा। कोचीन और मझगांव स्थापित होने से राज्य में 55,000 नई नौकरियां उत्पन्न होने का अनुमान है।

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट न सिर्फ तमिलनाडु के आर्थिक विकास में मददगार होगा बल्कि, इससे भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे (Maritime Infrastructure) को भी बल मिलेगा।

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