चेन्नई, एएनआइ। श्रीलंका की नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों पर किए गए हमले पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने लिखा कि इस मामले को खत्म करने का एकमात्र उपाय राजनीतिक समाधान ही हो सकता है। बीते सोमवार को ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के पास कोडियाकराई तट के दक्षिण-पूर्व समुद्री इलाके में तमिलनाडु के कुछ मछुआरे मछली पकड़ रहे थे, तभी वहां गश्त लगा रहे श्रीलंकाई नौसेना ने कथित तौर पर मछुआरों पर गोलियां चलाईं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि श्रीलंकाई नौसेना अंतरराष्ट्रीय कानून को नहीं मान रहा। उन्होंने तमिलनाडु के मछुआरों को निशाना बनाए जाने पर श्रीलंका की निंदा की और कहा, 'इस तरह के मामलों पर हम शांत नहीं रह सकते और इसका जल्द से जल्द समाधान जरूरी है।'

मछली पकड़ने गए दीपनराज नामक मछुआरे ने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा, 'श्रीलंकाई नौसेना के जवानों ने क्षेत्र में कई नौकाओं पर हमला करना शुरू कर दिया। पहले उन्होंने पत्थर फेंके और फिर गोलियां चलाईं। एक गोली हमारी नाव की ओर आई और एक हिस्से को छेदती हुई कलाइसेलवन नामक मछुआरे को लगी, और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद हमने तुरंत अपने नाव को तट की ओर वापस मोड़ दिया।' मछुआरे ने इस बात पर जोर देते हुए बताया कि जिस वक्त हमला हुआ था ये सभी भारतीय सीमा में थे।

जख्मी मछुआरा अक्कराइपेट्टइ का रहने वाला है। नागापट्टिनम के जिलाधिकारी डॉक्टर अरुण थांबुराज ने इन सभी मछुआरों से मुलाकात की और इनका हाल लिया। घटना के बारे में भी सभी जानकारी विस्तार से ली। तटीय सिक्योरिटी ग्रुप के पुलिस व मतस्य विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। इस घटना के बाद से मछुआरों के बीच तनाव है। घायल मछुआरे को नागपट्टिनम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तटीय सुरक्षा समूह की पुलिस के अलावा मत्स्य विभाग के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं।

Edited By: Monika Minal