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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इन एअरपोर्ट्स पर फोटो-वीडियो लेने पर लगा बैन, DGCA ने जारी किए सख्त निर्देश; नियम तोड़ने पर मिलेगी ये सजा

Published: Fri, 23 May 2025 10:27 AM (IST)

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एअरलाइंस और यात्रियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीजीसीए ने साफ कहा है ...और पढ़ें

सैन्य हवाईअड्डों पर उड़ान भरते समय या लैंड करते समय फोटो लेने की नहीं होगी अनुमति (फाइल फोटो)
सैन्य हवाईअड्डों पर उड़ान भरते समय या लैंड करते समय फोटो लेने की नहीं होगी अनुमति (फाइल फोटो)

HighLights

  1. DGCA ने यात्रियों और एअरलाइंस के लिए जारी किए निर्देश
  2. इन खास एअरपोर्ट्स पर फोटो-वीडियो लेना होगा मना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मानिदेशालय (DGCA) ने देश की हवाई यात्रा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। डीजीसीए ने जो निर्देश जारी किया है वह उन विमानों पर लागू होगा जो सेना के हवाई अड्डों से उड़ान भरते हैं या वहां उतरते हैं।

भारत की पश्चिमी सीमा के पास मौजूद संवेदनशील एअरबेस जैसे अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर और जैसलमेर एयरपोर्ट पर डीजीसीए का यह निर्देश सख्ती से लागू रहेगा। निर्देश में कहा गया है कि इन इलाकों से टेकऑफ या लैंडिंग के वक्त यात्रियों को विंडो शेड्स (खिड़कियों के पर्दे) नीचे रखने होंगे।

DGCA का सख्त निर्देश

डीजीसीए ने बताया कि यह नियम तब तक लागू रहेंगे जब तक विमान 10 हजार फीट की ऊंचाई तक नहीं पहुंच जाता है या फिर जमीन पर रुक नहीं जाता है। DGCA ने यह कदम देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

दरअसल, पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि यात्री इन संवेदनशील एअरबेस पर उड़ान भरते वक्त या टेकऑफ के दौरान खिड़की से बाहर के फोटो या वीडियो बना लेते हैं और फिर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं।

फोटो-वीडियो की नहीं होगी अनुमति

इन तस्वीरों में सेना की गतिविधियां, एअरबेस की बनावट और दूसरी संवेदनशील हिस्से भी दिख गए हैं, इससे देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डीजीसीए ने विंडे शेड्स लगाए रखने का फरमान जारी किया है।

डीजीसीए ने अपने निर्देश में साफ कहा है कि यात्रियों द्वारा सैन्य हवाईअड्डों पर फोटो या वीडियो लेने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई यात्री इस नियम को तोड़ता हुआ पाया जाता है तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नियम तोड़ने वालों को क्या मिलेगी सजा?

नियम तोड़ने वालों पर नागरिक उड्डयन नियमों के तहत जुर्माना या दूसरी सजा भी हो सकती है। एअरलाइनों को कहा गया है कि वे यात्रियों के इस बारे में जानकारी फ्लाइट से पहले और फ्लाइट के दौरान और बार-बार दें। इसके लिए केबिन क्रू को खास ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

एअरलाइनों को करना होगा बदलाव

  • अब एअरलाइनों को अपनी रूटीन प्रक्रिया में बदलाव करना होगा।
  • एअरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि टेकऑफ और लैंडिंग के समय सभी खिड़कियों के पर्दे नीचे रहें।
  • एअरलाइंस अपने ग्राउंड स्टाफ और केबिन क्रू को स्पेशल ट्रेनिंग देंगी।
  • बोर्डिंग गेट पर और विमान के अंदर नोटिस बोर्ड या स्क्रीन के ज़रिए इस नियम की जानकारी दी जाएगी।
  • कुछ एयरलाइंस ने पहले से ही इन उपायों पर काम शुरू कर दिया है, जैसे कि फ्लाइट से पहले घोषणाओं में सुरक्षा नियमों को जोड़ना।

यात्रियों से क्या है उम्मीद?

  • सरकार और DGCA ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस नियम को गंभीरता से लें और पालन करें।
  • यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सैन्य एअरबेस से उड़ान के दौरान न तो फोटो लें और न ही वीडियो बनाएं।
  • फ्लाइट के दौरान अगर किसी को कोई कन्फ्यूजन हो, तो वे तुरंत केबिन क्रू से बात करें।

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