नई दिल्ली (जेएनएन)। भारत ने पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के 12 वें दिन मंगलवार तड़के पहला हिसाब करते हुए पाक के होश उड़ा दिए। भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 विमानों ने अलसुबह 3.20 बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर

(पीओके) से लेकर अंदरूनी प्रांत खैबर पख्तुनख्वा के बालकोट में स्थित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तोएबा व हिजबुल मुजाहिदीन के कैंपों को तबाह कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया कि बालाकोट में हुई भारतीय हवाई हमले में 300 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे, मगर बाद में भारतीय वायुसेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतंकियों की संख्या नहीं बताई थी, इसलिए यह सूचना अपडेट की जा रही है।

 बालकोट के जंगल में पहाड़ी पर बना रिसॉर्टनुमा कैंप तबाह
भारतीय वायुसेना ने 1971 के युद्ध के बाद पहली बार पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट के आतंकवादी कैंप पर हवाई हमले किए हैं। इससे पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाले जैश-ए- मोहम्मद को भारी नुकसान हुआ है। रिपोर्टस के अनुसार, बालकोट शहर से 20 किमी दूर जंगल में एक पहाड़ी पर बने पांच सितारा रिसॉर्टनुमा उसके सबसे बड़े कैंप पर जैसे ही मिराज विमानों ने 1000-1000 किलो के लेजर गाइडेड बम गिराए वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

 भारत के हवाई हमले के तुरंत बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि पुख्ता खुफिया सूचनाओं के दम पर भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर बालाकोट, चोकोठी और मुजफ्फराबाद में स्थित आतंकवादी कैंपो यह ऑपरेशन किया गया। यह भी सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद पुलवामा के बाद भारत के विभिन्न हिस्सों में और आत्मघाती हमले करने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए फिदायीन आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी। खतरे को भांपते हुए तत्काल अचूक हमले जरूरी हो गए थे। गोखले ने बताया कि मंगलवार तड़के भारत ने बालकोट में जैश के सबसे बड़े आतंकी कैंप को तबाह कर दिया।

 गोखले के अनुसार इस हमले में बड़ी संख्या में जैश के आतंकी, ट्रेनर, सीनियर कमांडर व जेहादी मारे गए। उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई के वो टारगेट चुने गए जो रहवासी बस्तियों से दूर थे ताकि आम नागरिकों की जानमाल को नुकसान ना पहुंचे। गोखले ने कहा कि जैश को संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित संगठन घोषित कर रखा है। वह 2001 में भारतीय संसद व 2016 में पठानकोट एयरबेस व हाल ही में पुलवामा समेत कई हमलों में शामिल रहा है। पाकिस्तान को कई बार उसके सबूत दिए गए लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।

 पाक सेना को भनक नहीं लगी

 पाकिस्तान सेना व रक्षा प्रतिष्ठानों को भारत की इस बदले की कार्रवाई की भनक तक नहीं लगी। भारतीय लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी व मध्य कमान से एक साथ उ़़डान भरी तो पाक रक्षा अधिकारी भ्रमित हो गए। वे यह पता लगाने में विफल रहे कि ये विमान किधर जा रहे हैं। विमानों के एक समूह ने बालकोट का रास्ता पकड़ा और चंद मिनटों में कैंप तबाह कर लौट आए।

 एबटाबाद के पास है बालकोट

 --बालकोट नियंत्रण रेखा से 80 किमी दूर है।

 --यह एबटाबाद के पास है, यहीं अमेरिकी कमांडो ने अलकायदा के आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन को मार डाला था।

 अकड़ कायम : पाक सेना ने कहा- कोई नुकसान नहीं हुआ

 आतंकी अड्डों में भारी तबाही के बाद भी पाकिस्तान की अकड़ कम नहीं हुई। पाक सेना के मेजर जनरल व प्रवक्ता आसिफ गफूर ने सबसे पहले ट्वीट कर कहा कि भारतीय विमानों ने मुजफ्फराबाद सेक्टर में घुसपैठ की। पाक वायुसेना के तत्काल व प्रभावी जवाब से भारतीय विमानों ने जल्दबाजी में जंगल में बम फेंक दिए जो बालकोट के पास गिरे। हमले में कोई मौत या क्षति नहीं हुई और भारतीय विमान लौट गए। प्रवक्ता ने हड़बड़ी में भारतीय विमानों का वीडियो भी जारी कर दिया, इससे खुद साबित हो गया कि वे नियंत्रण रेखा पार कर के आए थे और बमबारी की गई।

Posted By: Digpal Singh

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