यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पश्चिम बंगाल फर्जी प्रमाण पत्र मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने दिया दखल, कलकत्ता HC से मामला अपने पास किया ट्रांसफर
कलकत्ता HC न्यायाधीश बनाम न्यायाधीश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में फर्जी प्रमाणपत्र से संबंधित मामले को कलकत्ता ...और पढ़ें

एएनआई, कोलकाता। Calcutta High Court judge vs judge: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में फर्जी सर्टिफिकेट से संबंधित मामले को कलकत्ता हाई कोर्ट से अपने पास स्थानांतरित किया। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को इस बीच अपनी दलीलें पूरी करने का निर्देश दिया हैं।
क्या है मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की दो पीठों के समक्ष सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। दरअसल, पश्चिम बंगाल में फर्जी प्रमाण पत्र के मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट के दो जजों के बीच लड़ाई छिड़ गई जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने अपने साथी न्यायाधीश सौमेन सेन के खिलाफ 'कदाचार' के आरोप लगाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने एक विशेष सुनवाई की। पीठ ने कहा, 'हम इस पर सोमवार को विचार करेंगे।' समाचार एजेंसी पीटीआई ने पीठ के हवाले से कहा, हमने अब कार्यभार संभाल लिया है।'
#UPDATE | Calcutta HC Judge vs Judge: SC transfers case related to fake certificate in West Bengal from Calcutta HC to itself. The Supreme Court directed all concerned parties to complete their arguments in the meantime. https://t.co/7o5ptQthE7
— ANI (@ANI) January 29, 2024
दो जजों के बीच छिड़ी जंग
न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने न्यायमूर्ति सेन पर पश्चिम बंगाल में एक राजनीतिक नेता के पक्ष में दूसरे न्यायाधीश को डराने-धमकाने का आरोप लगाया हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया और मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष कथित फर्जी जाति प्रमाणपत्र घोटाले के संबंध में याचिका पर याचिकाकर्ता को भी नोटिस जारी किया है।
