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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'अब्बास अंसारी के खिलाफ 10 दिन में जांच पूरी करो', यूपी पुलिस को सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Fri, 21 Feb 2025 10:41 PM (GMT+05:30)

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पुलिस को गैंगस्टर एक्ट के तहत एक मामले में विधायक अब्बास अंसारी के ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में विधायक अब्बास ने रिकॉल किया आर्डर (फोटो- पीटीआई)
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में विधायक अब्बास ने रिकॉल किया आर्डर (फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. गैंगस्टर एक्ट में विधायक अब्बास ने रिकॉल किया आर्डर
  2. जांच पूरी होने के बाद जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी

 पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में आरोपित विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ अपने आदेश को रिकॉल करते उत्तर प्रदेश पुलिस को दस दिनों के अंदर अपनी जांच पूरी करने को कहा है। पहले उसके खिलाफ जांच लंबित है या नहीं यह पता करने को निर्देशित किया गया था।

अब्बास अंसारी पांच महीने से जेल में है

अब्बास अंसारी यूपी गैंगस्टर एक्ट में पांच महीने से जेल में है और उसने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जस्टिस सूर्यकांत और एनके सिंह ने शुक्रवार को दिवंगत गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए। अब इस मामले की सुनवाई छह मार्च को होगी।

इससे पहले अब्बास अंसारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जमानत का अनुरोध करते हुए कहा कि उसके खिलाफ यह मामला यूपी गैंगस्टर एक्ट का है जो चित्रकूट में दर्ज है। पीठ ने पूछा कि मामले में जांच की क्या स्थिति है।

अब्बास अंसारी के खिलाफ कुल दस मामले लंबित

प्रदेश सरकार की ओर से पेश एडीशनल सालिसिटर जनरल ने कहा कि अभी इसके साथ के चार अभियुक्त फरार हैं। उन्होंने कहा कि अब्बास अंसारी के खिलाफ कुल दस मामले लंबित हैं। लेकिन सिब्बल ने बताया कि उन सभी मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है।

पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दो दिन पहले दाखिल किए गए हलफनामे का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें कहा गया है कि मामले की जांच अभी चल रही है। जबकि सिब्बल बराबर कहते रहे कि कोई जांच नहीं चल रही है।

पीठ ने पुलिस को दिया आदेश

प्रदेश सरकार बस उन्हें जेल में रखना चाहती है। वह पांच महीने से जेल में हैं। अगर कोर्ट ने इस केस में जमानत दे दी तो उन्हें किसी दूसरे में अंदर कर दिया जाएगा। हालांकि कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने के बाद जमानत अर्जी पर सुनवाई की जाएगी। पीठ ने उत्तर प्रदेश की ओर से पेश एएसजी से कहा कि वह दस दिन में मामले की जांच पूरी करें।