सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को लगाई फटकार, कहा- मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून का दहेज प्रताड़ना की तरह हो रहा दुरुपयोग
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर ईडी को फटकार लगाई है और सख्त लहजे में कहा कि लोगों को जेल में रखने के लिए पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है। पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय से कहा कि इस कानून का दहेज कानून की तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट केंद्रीय एजेंसियों की आलोचना करता रहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर ईडी को फटकार लगाई है और सख्त लहजे में कहा कि लोगों को जेल में रखने के लिए पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है। पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय से कहा कि इस कानून का दहेज कानून की तरह दुरुपयोग किया जा रहा है।
ये है मामला
मामला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले से जुड़ा था, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी को नियमित जमानत दे दी है, हालांकि त्रिपाठी को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा क्योंकि उन पर आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दायर एक अन्य मामला चल रहा है। त्रिपाठी पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था और उन्हें 2023 में गिरफ्तार किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी की है ईडी की खिंचाई
पीठ ने छत्तीसगढ़ के पूर्व उत्पाद शुल्क अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी को जमानत देते हुए कहा कि पीएमएलए के प्रावधानों का इस्तेमाल किसी को हमेशा के लिए जेल में रखने के लिए नहीं किया जा सकता है। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट केंद्रीय एजेंसियों की आलोचना करता रहा है और राजनीतिक नेताओं सहित आरोपियों को बिना सबूत के लगातार जेल में रखने के लिए उनकी खिंचाई करता रहा है।
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