नई दिल्ली, प्रेट्र। देश भर की निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति और उनके चयन के लिए केंद्रीय प्रणाली बनाने संबंधी जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विगत सोमवार को एक एनजीओ लोक प्रहरी के महासचिव व पूर्व राजनयिक एसके शुक्ला की याचिका को ठुकरा दिया। इसमें सर्वोच्च अदालत के वर्ष 1991 और 1996 के उस फैसले को लागू करने की अपील की गई थी जिसमें निचली अदालत में जजों की रिक्तियों को भरने के लिए 'ऑल इंडिया ज्यूडीशियल सर्विसेज' की स्थापना का समर्थन किया गया था।

खंडपीठ में शामिल जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ ने कहा कि न्यायालय पक्ष के यह मामले सुप्रीम कोर्ट में तय नहीं किए जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि इस मामले पर विचार के लिए वह एक मिनट भी नहीं देंगे।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने देश की निचली अदालतों में जजों के पांच हजार से अधिक पद खाली होने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों के 24 उच्च न्यायालयों से पूरी सूचना मांगी है। साथ ही इन हालात को पूरी तरह से अस्वीकार करार दिया है।

---------------------

Posted By: Arun Kumar Singh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप