यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'अब तो सरकार बदल गई', सुप्रीम कोर्ट ने यमुना की सफाई पर क्या-क्या कहा?
Supreme Court On Yamuna सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यमुना की सफाई को लेकर बड़ी टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने ...और पढ़ें

HighLights
- यमुना में प्रदूषण और पानी के बंटवारे पर सुनवाई
- भाजपा ने यमुना को साफ करने का वादा किया
- दिल्ली में यमुना की सफाई पर तीन साल की योजना शुरू
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर बड़ी टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दिल्ली में सरकार बदलने से यमुना को लेकर सभी विवाद सुलझ सकते हैं। जिसमें प्रदूषकों से नदी को साफ करना और हरियाणा को पानी की उचित आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2021 में इन मुद्दों पर स्वत: संज्ञान लिया था और तब से समय-समय पर आदेश पारित कर रही है।
मंगलवार को न्यायमूर्ति बीआर गवई ने कहा, 'दिल्ली में सरकार बदल गई है, अब सभी विवाद सुलझ सकते हैं। इन बदली परिस्थितियों में बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकता है।'
हरियाणा, दिल्ली और यूपी में अब भाजपा सरकार
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी यमुना में प्रदूषण और पानी के बंटवारे पर सुनवाई के दौरान आई। यमुना दिल्ली पहुंचने से पहले दो राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर बहती है। पहले यह केवल हरियाणा और यूपी सरकार के नियंत्रण में थीं। लेकिन अब आम आदमी पार्टी पर हार के बाद तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है।
यमुना की सफाई पर चल रही राजनीति
बता दें कि दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर राजनीति चलती रही है। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर यह आरोप लगाया कि उनकी हरियाणा सरकार ने दिल्ली को आपूर्ति किए जाने वाले यमुना के पानी में "जहर" मिलाया है। केजरीवाल के दावे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद यमुना पहुंचे और पानी पिया। वहीं, इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमला किया। पीएम मोदी ने केजरीवाल के दावों को 'घृणित' कहा और दावा किया कि वह 11 वर्षों से यमुना का पानी पी रहे हैं।
नदी की सतह को साफ करने के लिए मशीनें तैनात
भाजपा ने अब सत्ता में आने पर यमुना को साफ करने का वादा किया है। पिछले हफ्ते पार्टी ने इसे लेकर तीन साल की योजना शुरू की और नदी की सतह को साफ करने के लिए मशीनों को तैनात किया।
औद्योगिक इकाइयों पर भी कार्रवाई के आदेश
मशीनें जैविक और प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा कर रही है। दिल्ली सरकार ने नदी के किनारे औद्योगिक इकाइयों पर भी कार्रवाई करने का आदेश दिया, जो पानी में गंदगी डाल रहे थे।
यमुना में बढ़ा अमोनिया का स्तर
बता दें कि हाल ही में यमुना के वजीराबाद बैराज में एक बार फिर से अमोनिया का स्तर बढ़ गया। इससे वजीराबाद और चंद्रावल जलशोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) से जल आपूर्ति बाधित हुई। इन दोनों संयंत्रों से लगभग 15 प्रतिशत कम पानी मिल रहा है। इससे दिल्ली के कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है।
