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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुलडोजर एक्शन पर योगी सरकार के जवाब से सुप्रीम कोर्ट खुश, तारीफ में क्या कहा?

Published: Tue, 03 Sep 2024 03:28 PM (IST)Updated: Tue, 03 Sep 2024 04:05 PM (IST)

SC on bulldozer action सुप्रीम कोर्ट ने देश की विभिन्न सरकारों के बुलडोजर एक्शन पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने ...और पढ़ें

SC on bulldozer action सुप्रीम कोर्ट ने की योगी सरकार की सराहना।
SC on bulldozer action सुप्रीम कोर्ट ने की योगी सरकार की सराहना।

HighLights

  1. योगी सरकार के हलफनामे को देख सुप्रीम कोर्ट ने उसकी तारीफ की।
  2. कोर्ट ने पूरे देश के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी करने की बात भी कही।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। SC on bulldozer action राज्य सरकारों द्वारा आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने के मामले पर बीते दिन सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई और कई सवाल भी उठाए। कोर्ट ने कहा कि कोई भी आरोपी अगर दोषी भी साबित होता है, तो भी उसके घर पर बुलडोजर चलाना किसी भी तरह से जायज नहीं है। 

शीर्ष न्यायालय ने ये भी कहा कि अगर कोई किसी अपराध में दोषी पाया जाता है, तो भी बिना कानूनी प्रक्रिया को पूरा किए उसके घर को ढहाया नहीं जा सकता। इस बीच कोर्ट के आदेश के बाद यूपी सरकार ने अपने बुलडोजर एक्शन पर जवाब दाखिल किया। योगी सरकार के हलफनामे को देख सुप्रीम कोर्ट ने उसकी काफी तारीफ की है। 

योगी सरकार ने हलफनामे में क्या कहा?

  • यूपी की योगी सरकार ने कहा कि प्रदेश में किसी का भी घर बिना कानूनी प्रकिया के नहीं तोड़ा जा रहा।
  • गृह विभाग के विशेष सचिव ने हलफनामे में कहा कि किसी भी अचल संपत्ति को कानूनी प्रक्रिया के तहत की ध्वस्त किया जा सकता है और हम उसी का पालन कर रहे हैं। 

SC ने हलफनामे की तारीफ की

  • सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार के जवाब पर खुशी जताई और हलफनामे में अपनाए गए रुख की तारीफ की।
  • सुप्रीम कोर्ट ने मामले के संबंध में पूरे देश के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही। कोर्ट ने मामले के पक्षकारों के वकीलों से अपने सुझाव भी मांगे।

कोर्ट ने और क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो भी पक्षकार सुझाव देना चाहते हैं वो मध्य प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता नचिकेता जोशी के ईमेल आईडी sr.adv.nachiketajoshi@gmail.com पर भी भेजें।

कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया की वो किसी भी अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं देगा। मामले की अगली सुनवाई अब 17 सितंबर को होगी।

नोटः एजेंसी के इनपुट्स के साथ