नई दिल्‍ली, एजेंसियां। देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 के मामलों में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए तीन जनवरी से दो हफ्ते के लिए वर्चुअल माध्‍यम के जरिए सुनवाई करने का निर्णय लिया है। बता दें कि कोरोना महामारी के कारण करीब डेढ़ साल तक सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई (Physical Hearing) बंद थी। पिछले साल अक्‍टूबर महीने में सुप्रीम कोर्ट ने फिर से फिजिकल सुनवाई शुरू करने का फैसला किया था। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के फैसले पर वकीलों ने खुशी जाहिर की थी।

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों को देखते हुए तीन जनवरी से शुरू होने वाले दो हफ्ते के लिए सभी सुनवाइयां वर्चुअल मोड में करने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने रविवार शाम एक सर्कुलर जारी कर इस फैसले की घोषणा की। इसमें कहा गया है कि शारीरिक सुनवाई (हाइब्रिड हियरिंग) के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने वाला एक पूर्व परिपत्र फिलहाल निलंबित रहेगा।

उल्‍लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहले भी कह चुका है कि महामारी के दौरान नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराने में वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था काफी सफल रही है। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संकट के दौरान हाई कोर्टों को अपने यहां और अधीनस्थ अदालतों में वर्चुअल सुनवाई के लिए नियम बनाने की छूट दी थी।

सुप्रीम कोर्ट (Virtual hearing in Supreme Court) की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि बार के सदस्यों, पार्टी-इन-पर्सन और सभी संबंधितों को अधिसूचित किया जाता है कि ओमिक्रोन वेरिएंट (COVID-19) के मामलों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया जाता है कि तीन जनवरी से दो हफ्ते के लिए अदालतों के समक्ष सभी सुनवाई केवल वर्चुअल मोड के माध्यम से होगी। यह भी बता दें कि शीर्ष अदालत सोमवार को शीतकालीन अवकाश के बाद फिर से खुल रही है।

सात अक्टूबर, 2021 को एसओपी जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लंबी सुनवाई वाले मामलों की बुधवार और गुरुवार को फिजिकल मोड में सुनवाई होगी। जबकि सोमवार और शुक्रवार को सिर्फ वर्चुअल माध्यम से और मंगलवार को हाईब्रिड मोड में सुनवाई होगी। वकीलों के कई संगठनों की मांग पर शीर्ष अदालत ने उक्त कदम उठाया था।

Edited By: Krishna Bihari Singh