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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'महिला ने खुद मुसीबत को न्योता दिया', रेप पर इलाहाबाद HC की टिप्पणी पर फूटा SC का गुस्सा; दी नसीहत

By Agency Edited By: Sakshi Pandey
Published: Tue, 15 Apr 2025 03:47 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट एक बार फिर विवादित बयान की वजह से चर्चा में है। रेप केस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को लगाई फटकार। प्रतीकात्मक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को लगाई फटकार। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी पर उठाए सवाल।
  2. उत्तर प्रदेश के कासगंज केस से जुड़ा है मामला।
  3. हाई कोर्ट ने महिला को खुद मुसीबत बुलाने का ठहराया था जिम्मेदार।

नई दिल्ली, एएनआई। दुष्कर्म पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को कड़ी फटकार लगाई है। रेप केस पर सुनावई के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि महिला ने खुद परेशानी को बुलावा दिया और उसके खिलाफ होने वाले अपराध के लिए वो खुद जिम्मेदार है। हाई कोर्ट की इस टिप्पणी से सुप्रीम कोर्ट खासा नाराज है।

सर्वोच्च न्यायालय में दो जजों की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस टिप्पणी को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट से सवाल पूछा है। जस्टिस बी.आर.गवई और एजी मसीह की पीठ ने इस बयान पर सवाल खड़े किए हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने इस बयान पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले पर सुनवाई की है। इस दौरान दोनों जजों की पीठ ने कहा कि यह कैसी बात है कि महिला ने खुद ही मुसीबत को निमंत्रण दिया है? आप यह कैसे कह सकते हैं? इस तरह का बयान देना उचित नहीं है। खासकर न्यायाधीशों को ऐसी बातें कहते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल यह मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले का है, जहां एक महिला ने 12 जनवरी 2022 को शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला का आरोप था कि 14 साल की बेटी के साथ शाम को घर लौटते समय गांव के तीन युवक पवन, आकाश और अशोक रास्ते में मिल गए। उन्होंने अपनी बाइक पर बिठाकर घर तक ले जाने की बात कही। महिला ने बेटी को बाइक पर बिठा दिया। ऐसे में तीनों युवकों ने रास्ते में बेटी के कपड़े उतारने और जबरन दुष्कर्म की कोशिश की। बेटी की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तीनों आरोपी तमंचा दिखाते हुए मौके से फरार हो गए। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा था कि महिला ने खुद ही मुसीबत को न्यौता दिया था।

पहले भी दिया था विवादित बयान

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को इस तरह के विवादित बयान पर फटकार लगाई है। इससे पहले 17 मार्च को एक मामले की सुनावई के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि लड़की की छाती पकड़ने और सलवार का नाड़ा खींचने को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। इस मामले पर भी संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।

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