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विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों पर होगी कड़ी कार्रवाई, केंद्र ने पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट

केंद्र ने पंजाब सरकार से उन लोगों की पहचान करने को कहा है जो उपद्रव में शामिल थे। दोषी पाए जाने पर इनके पासपोर्ट रद किया जाएगा। पंजाब पुलिस भी विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों के रिश्तेदारों और स्वजन पर शिकंजा कस सकती है।

By Jagran NewsEdited By: Piyush KumarFri, 24 Mar 2023 10:01 PM (IST)
विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों पर होगी कड़ी कार्रवाई, केंद्र ने पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई का फैसला किया।

जागरण टीम, नई दिल्ली। विदेश की धरती से भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा खड़ा करने और साजिश रचने वालों की अब खैर नहीं है। केंद्र सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई का फैसला किया है। अलगाववादी अमृतपाल सिंह के विरुद्ध पंजाब में कार्रवाई होने पर लंदन में भारतीय उच्चायोग पर प्रदर्शन व तिरंगे का अपमान करने वालों पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों के रिश्तेदारों पर हो सकती है कार्रवाई

केंद्र ने पंजाब सरकार से उन लोगों की पहचान करने को कहा है जो उपद्रव में शामिल थे। दोषी पाए जाने पर इनके पासपोर्ट रद किया जाएगा। पंजाब पुलिस भी विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थकों के रिश्तेदारों और स्वजन पर शिकंजा कस सकती है। जरूरत पड़ी तो उन पर भी एफआइआर दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 19 मार्च की घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने अपने स्तर पर जांच की थी, जिसमें पता चला कि घटना में कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जिनके पास भारतीय नागरिकता है।

इस मामले पर स्पेशल सेल ले रही आइबी से मदद

जांच की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी गई फिर गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम (पीडीपीपी) की धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की है।

स्पेशल सेल इस मामले में आइबी की मदद ले रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग भारतीय पासपोर्ट की मदद से ब्रिटेन पहुंचे और वहां देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

कई देशों से पहुंचे थे प्रदर्शनकारी

पुलिस यह भी पता कर रही कि घटना से पहले भारत से कितने लोग लंदन गए थे। आशंका है कि उच्चायोग पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कई देशों से खालिस्तान समर्थक आए थे। इनमें कितने ऐसे लोग हैं जिनके पास भारतीय नागरिकता है उसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है।

प्रसारित वीडियो से की जा रही पहचान

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो से पता लगाया जा रहा है कि ये खालिस्तान समर्थक पंजाब के किस शहर और गांव के रहने वाले हैं। दर्जनभर लोगों की पहचान कर ली गई है। एक व्यक्ति जंडियाला गुरु के एक गांव का रहने वाला है।

वीडियो में कुछ लोग तरनतारन, मजीठा, होशियारपुर और संगरूर के भी बताए जा रहे हैं। वे तिरंगा का अपमान करते दिख रहे हैं। पंजाब पुलिस की खुफिया शाखा को पता चला है कि इंग्लैंड में बैठा गुरचरण सिंह भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है। वह तरनतारन के किसी गांव का रहने वाला है। उस पर इंग्लैंड में बैठे हिंदुओं को धमकाने का भी आरोप है।

यह है मामला

19 मार्च को लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर खालिस्तान समर्थकों की भीड़ ने प्रदर्शन किया था। खालिस्तान समर्थकों ने उच्चायोग पर लगे तिरंगे को उतारने की कोशिश की थी। तिरंगे के अपमान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने दिल्ली में ब्रिटिश राजनयिक को तलब कर भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा पर स्पष्टीकरण मांगा था। कहा था कि ब्रिटेन में भारतीय राजनयिक परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा में दिखी बेरुखी को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है।