इंदौर में 'Jab We Met' वाली कहानी, प्रेमी से शादी करने को घर से भागी लड़की; किसी और से विवाह कर वापस लौटी
इंदौर की श्रद्धा तिवारी अपने प्रेमी से शादी करने निकली लेकिन प्रेमी के इनकार करने पर वह ट्रेन में सवार हो गई। रतलाम स्टेशन पर उसकी मुलाकात कॉलेज के इलेक्ट्रीशियन करणदीप से हुई। श्रद्धा की जिद थी कि वह शादी करके ही घर लौटेगी। करणदीप ने उसे प्रपोज़ किया और दोनों ने शादी कर ली। श्रद्धा के पिता ने उसकी तलाश में अभियान चलाया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2007 में आई जब वी मेट फिल्म जरूर देखी होगी। इस फिल्म के अभिनय, कहानी और निर्देशन ने लोगों का दिल जीत लिया था। इसी से मिलती-जुलती एक कहानी इंदौर से सामने आई है।
दरअसल, इंदौर की श्रद्धा तिवारी नाम की एक लड़की अपने प्रेमी से शादी करने के लिए घर से भाग गई। इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि वह किसी और लड़के के साथ शादी कर के घर लौटी।
जानिए पूरा मामला
जानकारी दें कि गत 23 अगस्त को एमआईजी थाना क्षेत्र की रहने वाली श्रद्धा सार्थक से शादी करने के लिए घर से निकली थी। हालांकि, जब वह स्टेशन पहुंची, तो वहां पर उसका कथित प्रेमी सार्थक नहीं आया। इस दौरान प्रेमी ने श्रद्धा को फोन कर बताया कि वह शादी नहीं करना चाहता है।
इसके बाद श्रद्धा का दिल टूटा। वह बिना किसी मंजिल के ही ट्रेन पर सवार निकल गई। कुछ घंटे बाद वह रतलाम स्टेशन पर उतरी। आपको बता दे कि रतलाम में ही जब वी मेट फिल्म के एक हिस्से की शूटिंग हुई थी।
कॉलेज में काम करने वाले इलेक्ट्रिशियन से हुई मुलाकात
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रतलाम स्टेशन पर श्रद्धा की मुलाकात इंदौर स्थित उसके कॉलेज में काम करने वाले इलेक्ट्रीशियन से हुई। उसे अकेला बैठा देखकर करणदीप उसके पास गया और पूछा कि क्या हुआ। श्रद्धा की पूरी बात सुनने के बाद उसने घर जाकर माता-पिता से पूरी बात बताने को कहा। हालांकि, श्रद्धा ने कहा कि वह घर गई, तो जी नहीं पाएगी।
'शादी कर के ही लौटूंगी घर'
श्रद्धा ने जिद के साथ कहा कि शादी के लिए घर छोड़ा है, तो शादी किए बगैर घर नहीं जा सकती। करणदीप के बार-बार समझाने पर भी श्रद्धा नहीं मानी। अंत में करणदीप ने उसे प्रपोज़ किया और श्रद्धा ने स्वीकार कर लिया। श्रद्धा और करणदीप महेश्वर-मंडलेश्वर गए और शादी के बंधन में बंध गए। फिर वे मंदसौर गए।
पिता ने बेटी की खोज के लिए चलाया अभियान
जहां एक और श्रद्धा अपनी नई दुनिया बसाने में लगी थी, दूसरी ओर श्रद्धा के पिता अनिल तिवारी ने उसकी तलाश में ताबड़तोड़ अभियान चलाया और अपनी बेटी के बारे में जानकारी देने वाले को 51,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
इन सब के बीच गुरुवार को श्रद्धा ने अपने पिता को फोन कर के बताया कि वह मंदसौर में है और सुरक्षित है। राहत की सांस लेते हुए, उसके पिता ने उसे रात भर एक होटल में रुकने और अगली सुबह घर लौटने को कहा।
श्रद्धा ने दर्ज कराया अपना बयान
इंदौर वापस आकर श्रद्धा और करणदीप एमआईजी पुलिस स्टेशन गए। यहां पर श्रद्धा ने अपना बयान दर्ज कराया। इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने पुष्टि की कि श्रद्धा और करणदीप दोनों से पूछताछ की जा रही है।
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