नई दिल्ली। संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने को लेकर न्यूयॉर्क आधारित ह्यूमन राइट्स वाच [एचआरडब्ल्यू] ने भारत सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। एचआरडब्ल्यू ने कहा है कि केवल लोगों की भावनाओं को शांत करने के लिए फांसी देना गलत है। भारत को फांसी देना बंद करना चाहिए। भारत दोषियों को फांसी देकर सही काम नहीं कर रहा है और भारत को फांसी की सजा को खत्म कर देना चाहिए। ऐसा करके ही लोगों की भड़की भावनाओं को शांत किया जा सकता है।

एचआरडब्ल्यू की दक्षिण एशिया की डायरेक्टर मीनाक्षी गांगुली ने सवाल किया है कि भारत सरकार को अफजल गुरु को सजा देने की इस वक्त क्या जरूरत थी? उनका कहना है कि किसी भी अपराध के दोषी को यह सवाल उठाकर उसको बचाने की कोशिश नहीं की जा रही है। लेकिन फांसी के जरिए दोषी को दर्दनाक मौत देना गलत है। उन्होंने कहा कि महज तीन माह के दौरान भारत में यह दूसरी फांसी की सजा दी गई है। इससे पहले मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब को पुणे की जेल में फांसी दी गई थी और वहीं पर उसको दफना भी दिया गया था।

गांगुली का कहना है कि भारत को इस तरह की कार्रवाई को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने लोगों से भी यह अपील की है कि अफजल गुरु की फांसी के बाद अब उन्हें इस सजा को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पुरजोर मुहिम चलानी चाहिए। इससे न सिर्फ अफजल की मौत से गुस्साई जनता को शांत किया जा सकेगा बल्कि आने वाले समय में माहौल को भी शांत बनाया जा सकेगा।

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