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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब पंगा नहीं लेंगे चीन-पाकिस्तान! सेना को मिल गया भगवान परशुराम का हथियार 'भार्गवास्त्र'; पढ़ें क्या है खास

Published: Thu, 16 Jan 2025 12:38 PM (IST)

भारत ने भी अब इजरायल जैसा सुरक्षा कवच तैयार कर लिया है। भारत ने स्वदेशी माइक्रो मिसाइल सिस्टम का सफल ...और पढ़ें

स्वदेशी माइक्रो मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण
स्वदेशी माइक्रो मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्वार्म (Swarm) ड्रोन यानी झुंड में हमला करने वाले ड्रोन को मार गिराने के लिए अब भारत को महंगे मिसाइल डिफेंस सिस्टम का आयात नहीं करना पड़ेगा। एक किफायती एंट्री ड्रोन सिस्टम ही इन ड्रोन के हमलों को नाकाम कर देगा। भारत ने इसके लिए स्वदेशी माइक्रो मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। आइये जानते हैं इस माइक्रो मिसाइल सिस्टम की खूबियां क्या हैं और यह देश की रक्षा क्षमताओं को कैसे मजबूती देगा।

बनाया जा रहा है मल्टी लेयर सिस्टम

इस हफ्ते गोपालपुर समुद्री फायरिंग रेंज में माइक्रो मिसाइल सिस्टम के दो सफल परीक्षण किए गए। यह मल्टी-लेयर सिस्टम सेना के लिए बनाया जा रहा है। इसने 2.5 किमी से ज्यादा दूरी पर वर्चुअल टारगेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। यह दिखाता है कि बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों से निपटने के लिए यह एक सस्ता और कारगर विकल्प है। ड्रोन हमले आजकल एक बड़ा खतरा बन गए हैं।

भार्गवास्त्र की क्षमता

इस काउंटर ड्रोन सिस्टम का नाम भार्गवास्त्र है। यह 6 किमी से भी ज्यादा दूर से आ रहे छोटे ड्रोन का पता लगा सकता है। यह माइक्रो म्यूनिशन का उपयोग करके उन्हें मार गिरा सकता है। ये म्यूनिशन दुश्मन की तरफ भी भेजे जा सकते हैं। इस वर्ष इस सिस्टम का बड़े पैमाने पर परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद इसे सेना में शामिल किया जा सकेगा। भार्गव अस्त्र भगवान विष्णु के अंशावतार परशुराम का अस्त्र था। यह बेहद विनाशकारी था। इसी भार्गव अस्त्र के नाम पर काउंटर ड्रोन सिस्टम का नाम भार्गवास्त्र रखा गया है।

एकसाथ 64 से ज्यादा मिसाइलें दागने में सक्षम

इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड का यह सिस्टम एक साथ 64 से ज्यादा माइक्रो मिसाइलें दाग सकता है। इसे एक मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाया जाएगा ताकि इसे कहीं भी कम समय में पहुंचाया जा सके। इसे हर तरह के इलाके में काम करने के लिए बनाया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में भी यह काम कर सकता है।

यह सेना की खास जरूरतों को पूरा करता है। यह सिस्टम आर्मी एयर डिफेंस की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। यह पहला काउंटर ड्रोन सिस्टम है, जो माइक्रो मिसाइलों का इस्तेमाल करता है। वायु सेना को भी ऐसे सिस्टम की बहुत जरूरत है। दुनिया के दूसरे देशों में भी इस तरह के सिस्टम कम ही हैं।

  • 64 से ज्यादा मिसाइलें एक साथ दागने में सक्षम है भार्गवास्त्र
  • 2.5 किलोमीटर की दूरी पर वर्चुअल टारगेट को बनाया निशाना
  • 6 किलोमीटर से अधिक दूरी पर छोटे ड्रोन का भी लगा सकता है पता

महंगी मिसाइलों की होगी बचत

स्वार्म ड्रोन आम तौर पर झुंड में हमला करते हैं। यह ड्रोन काफी सस्ते होते हैं और इनसे निपटना किसी भी सेना के लिए एक बड़ी चुनौती है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में भी सस्ते ड्रोन ने अपनी उपयोगिता सिद्ध की है।

ये ड्रोन आकार में बहुत छोटे होते हैं और अपने लक्ष्य तक पहुंच कर खुद को विस्फोट करके उड़ा लेते हैं। इस तरह से ये दुश्मन को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। सेना को अपने अहम ठिकानों और रणनीतिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए महंगी एयर डिफेंस मिसाइलों पर निर्भर रहना पड़ता है।

इसलिए एक सस्ते सिस्टम की जरूरत है जो हमलावर या जासूसी करने वाले ड्रोनों को मार कर गिरा सके। इससे महंगे एयर डिफेंस सिस्टम को बड़े खतरों के लिए बचाया जा सकेगा।

Source:

  • Indian Defence Research Wing
  • https://idrw.org/
  • Solar Industries Unveils Bhargavastra: 
  • https://idrw.org/solar-industries-unveils-bhargavastra-a-micro-missile-system-to-counter-swarm-drones/

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