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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिक्किम में बाढ़ और लैंड स्लाइड से बिगड़े हालात, 1400 से अधिक पर्यटक फंसे; कई सड़कें बहीं

Published: Sun, 01 Jun 2025 02:00 AM (IST)

Sikkim Rain सिक्किम में बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर हैं जिससे 1400 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। मंगन ...और पढ़ें

पर्यटकों को अपने होटलों में रहने की सलाह दी गई है (फोटो: पीटीआई)
पर्यटकों को अपने होटलों में रहने की सलाह दी गई है (फोटो: पीटीआई)

HighLights

  1. मंगन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी
  2. बारिश के कारण तीस्ता नदी उफान पर
  3. भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हैं

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। उत्तर सिक्किम में बाढ़ और भूस्खलन से स्थिति गंभीर हो गई है। सड़क बंद होने के कारण 1400 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। एक के बाद एक भूस्खलन की घटनाओं ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है। कई महत्वपूर्ण सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप है।

सिक्किम सरकार ने मंगन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी उफान पर है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मंगन के पुलिस अधीक्षक सोनम डेचु भूटिया ने बताया है कि कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हैं। पर्यटकों को अपने होटलों में रहने की सलाह दी गई है।

पर्यटक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था

सड़कें पूरी तरह खुलने के बाद उन्हें निकाला जाएगा। तीस्ता नदी की खतरनाक स्थिति के कारण लापता पर्यटकों के बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। गुरुवार को उत्तर सिक्किम के चुंगथांग से मुन्सिथांग जाने वाली सड़क पर एक पर्यटक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 1,000 फीट नीचे तीस्ता नदी में गिर गया। पुलिस के अनुसार वाहन में 11 लोग सवार थे।

एक व्यक्ति को मृत अवस्था में बरामद किया गया, दो घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लापता आठ पर्यटकों में से चार ओडिशा, दो त्रिपुरा और दो उत्तर प्रदेश के हैं। शेष लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। भारी बारिश व भूस्खलन के कारण बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी कौशलेंद्र प्रताप सिंह और अंकिता सिंह का भी कोई पता नहीं है। गाड़ी का चालक भी हादसे के बाद से लापता है।

वर्षा से उफनाई सीमांचल की नदियां

  • नेपाल में हुई वर्षा से बिहार के सीमांचल में बहने वाली महानंदा, मेची, कनकई, चेंगा, नूना और बकरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। नदियों पर बनाए गए अस्थायी पुल बह गए हैं।
  • अररिया में नूना और बकरा नदियां अपने दोनों किनारे से ऊपर बह रही है, जिससे निचले क्षेत्रों में तीन से चार फीट पानी बह रहा है। बाढ़ की आशंका से लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने लगे हैं। सीमा से लगे कई गांवों में पानी घुस गया है।

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