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    सिख कर्मियों को हवाई अड्डे के अंदर कृपाण रखने की इजाजत, नियमों में किया गया बदलाव

    By Arun Kumar SinghEdited By:
    Updated: Mon, 14 Mar 2022 10:03 PM (IST)

    विमानन सुरक्षा नियामक बीसीएएस ने विमानन क्षेत्र के सिख कर्मचारियों को हवाई अड्डा परिसर के भीतर व्यक्तिगत रूप से कृपाण ले जाने की अनुमति दी है। प्रमुख सिख संगठन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के चार मार्च के आदेश की निंदा की थी।

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    सिख कर्मचारियों को कृपाण ले जाने की अनुमति म‍िली।

     नई दिल्ली, प्रेट्र। विमानन सुरक्षा नियामक बीसीएएस ने विमानन क्षेत्र के सिख कर्मचारियों को हवाई अड्डा परिसर के भीतर व्यक्तिगत रूप से कृपाण ले जाने की अनुमति दी है। इससे पहले प्रमुख सिख संगठन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के चार मार्च के आदेश की निंदा की थी। इस आदेश के तहत विमानन क्षेत्र के सिख कर्मचारियों को भारतीय हवाई अड्डा परिसर में व्यक्तिगत तौर पर कृपाण ले जाने से प्रतिबंधित किया गया था। इसके बाद बीसीएएस ने 12 मार्च को प्रतिबंध को खत्म कर दिया। 

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    बीसीएएस ने सिख कर्मियों के कृपाण ले जाने पर लगा दिया था प्रतिबंध

    सिख धर्म मानने वाले लोग कृपाण धारण करते हैं। बीसीएएस ने चार मार्च के आदेश में कहा, केवल सिख यात्री व्यक्तिगत तौर पर कृपाण ले जा सकते हैं, बशर्ते उसके फलक की लंबाई छह इंच से अधिक न हो और कुल लंबाई नौ इंच से अधिक न हो। देश के भीतर भारतीय विमानों में यात्रा करते समय कृपाण रखने की अनुमति है। इसमें कहा गया, यह अपवाद केवल सिख यात्रियों के लिए होगा। 

    एसजीपीसी के अध्यक्ष ने नागर विमानन मंत्री को लिखा था पत्र 

    किसी भी हितधारक या हवाई अड्डे पर उसके कर्मचारी (सिख सहित) को घरेलू या अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल में काम करने के लिए व्यक्तिगत रूप से कृपाण ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस पर एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने नौ मार्च को नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिख कर कहा कि चार मार्च का आदेश सिख अधिकारों पर हमला है।