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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सर्दियों में हड्डियों को रखना है तंदुरुस्त तो जमकर सेंकिए धूप, पूरी होगी विटामिन डी की कमी

By Sanjay PokhriyalEdited By:
Published: Mon, 02 Dec 2019 10:05 AM (IST)Updated: Mon, 02 Dec 2019 02:46 PM (IST)

सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक की धूप सेंकने से पूरी होती हैं विटामिन डी की कमी।

सर्दियों में हड्डियों को रखना है तंदुरुस्त तो जमकर सेंकिए धूप, पूरी होगी विटामिन डी की कमी
सर्दियों में हड्डियों को रखना है तंदुरुस्त तो जमकर सेंकिए धूप, पूरी होगी विटामिन डी की कमी

नई दिल्ली, आइएएनएस। स्वस्थ जीवन के लिए हड्डियों को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है। दिल्ली जैसे महानगरों में सर्दी के मौसम में प्रदूषण के कारण लोगों तक सूर्य की किरणें पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में लोगों को प्राकृतिक विटामिन-डी भी बहुत कम मिल पाता है और उनकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इस संबंध में फोर्टिस राजन ढल हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के ऑर्थोस्कॉपी एंड स्पॉट्र्स इंजरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विश्वदीप शर्मा ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला है। उनका कहना है कि सर्दियों में यदि हम सही समय पर धूप सेंकते हैं तो इससे कई बीमारियों से बच सकते हैं।

दिन में धूप सेंकने के उचित समय और विटामिन-डी के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने को लेकर कई शोध हो चुके हैं। आमतौर पर कहा जाता है कि शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा यानी बिना ढके हुए हाथ-पैर आदि से प्रतिदिन 15 मिनट धूप का सेवन करने से विटामिन-डी अच्छी मात्रा में लिया जा सकता है। लेकिन सवाल यह है कि दिन का कौन-सा प्रहर सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने का सबसे उपयुक्त होता है। ऐसा माना जाता है कि सुबह और शाम की धूप सेंकना शरीर के लिए सबसे उपयुक्त होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि सुबह 10 से दोपहर तीन बजे के बीच के दौरान धूप का सेवन मानव शरीर की त्वचा को विटामिन-डी प्रदान करता है। बशर्ते धूप सेंकने के दौरान त्वचा पर क्रीम या लोशन नहीं लगा हो। राजधानी दिल्ली जैसे शहर, जहां प्रदूषण के कारण धूप नहीं आ पाती, वहां लोग दूध के उत्पादों के जरिये विटामिन डी की कमी पूरा कर सकते हैं।

इन्हें होती है ज्यादा परेशानी

प्री-मेनोपॉजल और पोस्ट-मेनोपॉजल की श्रेणी की महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोमलेशिया होने की संभावना होती है। वहीं खुद को पूरी तरह से ढकने वाली महिलाओं और सनक्रीम लगाने वाली महिलाओं में विटामिन-डी की मात्रा काफी कम होती है, क्योंकि उनकी त्वचा में धूप प्रवेश नहीं कर पाती। वहीं बच्चों में विटामिन डी की कमी से रिकेट्स की समस्या होने लगती है। इसलिए बच्चों को शुरुआती दिनों से ही पर्याप्त आहार के साथसाथ धूप भी सेंकनी चाहिए। बच्चों में भी खास कर उन बच्चों को जिन्होंने मां का दूध पीना छोड़ दिया है, उन्हें विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कराना आवश्यक है।

व्यायाम भी है फायदेमंद

सर्दियों में हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम से भी फायदा मिलता है। इससे हड्डियों का घनत्व बना रहता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। इसके अलावा यदि हड्डियों को मजबूत बना रखना है तो सर्दियों में जितना संभव हो सके उतना धूप के संपर्क में रहें। क्रीम और लोशन के प्रयोग न करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। यदि हम विटामिन-डी की कमी पर ध्यान नहीं देते तो हो सकता है कि हमें दिव्यांगता से जूझना पड़े।