विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गजब हो गया! सिग्नल इंजीनियरों की पदोन्नति की फाइल रेल भवन से गायब, हरकत में आया मंत्रालय

Published: Mon, 03 Feb 2025 12:23 AM (IST)Updated: Mon, 03 Feb 2025 12:46 AM (IST)

रेलवे सेवा के सिग्नल इंजीनियरों की फाइल गायब होने से हड़कंप मच गया। ये फाइलें सिग्नल इंजीनियर के 2015 बैच ...और पढ़ें

सिग्नल इंजीनियरों की पदोन्नति फाइल हुई गायब। ( फाइल फोटो )
सिग्नल इंजीनियरों की पदोन्नति फाइल हुई गायब। ( फाइल फोटो )

HighLights

  1. अधिकारियों ने सर्च मेमो जारी कर पता लगाने की कोशिश की।
  2. इस फाइल में हैं 200 से अधिक अधिकारियों से जुड़े दस्तावेज।

पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे सेवा के सिग्नल इंजीनियरों के 2015 बैच की पदोन्नति की फाइल रेल भवन में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के गोपनीय प्रकोष्ठ से गायब हो गई है। इसके बाद अधिकारियों ने 'सर्च मेमो' जारी किया है।

24 जनवरी को जारी सर्च मेमो के अनुसार, गोपनीय प्रकोष्ठ ने सूचित किया है कि भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएसई) के आवंटन वर्ष 2015 के जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (जेएजी) पैनल के अधिकारियों की फाइल का पता नहीं चल पा रहा है।

गहन जांच का आदेश

सूत्रों ने बताया कि फाइल में सिग्नल विभाग के 200 से अधिक जेएजी अधिकारियों के पदोन्नति संबंधी दस्तावेज हो सकते हैं। मेमो में कहा गया है, ''सेक्शन अधिकारियों, प्रभारियों, पीएसओ, वरिष्ठ पीपीएस, पीएस, पीए और स्टेनो से अनुरोध है कि वे अपने-अपने शाखाओं, अनुभागों, अधिकारियों के कमरों में उपर्युक्त फाइल की गहन खोज करें। खोज के परिणाम के बारे में 29.01.2025 तक या तो सामान्य शाखा या संबंधित शाखा को सूचित किया जाए।''

यूनियन पदाधिकारी हैरान

सूत्रों के अनुसार, उक्त फाइल अभी भी लापता है। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने इस मामले पर सवालों का जवाब नहीं दिया। सिग्नल और टेलीकॉम यूनियन के पदाधिकारियों ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ के गोपनीय प्रकोष्ठ से ऐसे गोपनीय दस्तावेज गायब होने पर आश्चर्य व्यक्त किया।

अगर फाइल नहीं मिली तो...

भारतीय रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा, ''यदि वरिष्ठ अधिकारियों की फाइलें इस तरह संवेदनशील विभागों से गायब हो जाती हैं तो अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज की स्थिति की कल्पना कीजिए। इन अधिकारियों का करियर और पदोन्नति की संभावनाएं उस फाइल पर टिकी हैं। अगर वह नहीं मिली तो यह संबंधित विभाग के लिए बड़ी समस्या पैदा कर देगी।''

यह भी पढ़ें: JP Nadda Interview: 'आप के भरोसे नहीं छोड़ सकते दिल्ली', जेपी नड्डा ने कहा- अपनी हार मान चुके हैं केजरीवाल

यह भी पढ़ें: Maha Kumbh 2025: वसंत पंचमी के अमृत स्नान पर ऑपरेशन-11 से होगा क्राउड मैनेजमेंट, योगी सरकार ने बनाया ये खास प्लान