नई दिल्ली, प्रेट्र। महामारी बनकर आए कोरोना संक्रमण से अब छुटकारा नहीं मिलने वाला है लेकिन इसका बुरा दौर अब फिर से नहीं आने वाला है। कुछ ऐसा ही संकेत वैज्ञानिकों की ओर से दिया गया है। कोविड का प्रकोप खत्म होने का संकेत मिलने लगा है। अनेकों वैज्ञानिकों की ओर से इस बात पर सहमति दी जा रही है कि महामारी खत्म हो गया है लेकिन कोविड तो अब कहीं नहीं जाएगा। दो साल से अधिक समय तक महामारी ने दुनिया भर में त्राही मचा दी।

टल जाएगा महामारी का प्रकोप 

वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि महामारी का प्रकोप टल जाएगा लेकिन कोविड का अस्तित्व खत्म नहीं होगा। दरअसल भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में एक बार फिर कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं।

अशोक यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट आफ फिजिक्स एंड बायोलाजी के प्रोफेसर गौतम आइ मेनन ने कहा, 'कोरोना का मौजूदा वैरिएंट अभी भी संक्रमण फैला रहा है। हालांकि इसके चपेट में आने वालों की मौत नहीं हो रही है। अब यह सामान्य सी बात होगी और हमें इसे स्वीकार करना होगा।'

कोरोना के कारण हुआ था इंटरनेशनल इमरजेंसी का एलान 

दो साल से भी अधिक समय हो गया है जब कोविड-19 को इंटरनेशनल इमरजेंसी घोषित किया गया था। अब जाकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) कोरोना महामारी के अंत को लेकर उम्मीद जाहिर कर रही है।  WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधनम घेब्रेसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा, 'हमने ढाई साल का लंबा समय अंधेरे सुरंग में बिताया और अब जाकर सुरंग के अंत में एक उम्मीद की किरण दिखाई दी है।'

संयुक्त राष्ट्र आमसभा से इतर टेड्रोस ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने कहा, 'अभी भी लंबा रास्ता है और सुरंग अभी भी अंधकार से भरा है जिसमें कई बाधाएं हैं। ये हमें परेशान करती है और हमें नुकसान पहुंचा सकती है।' पिछले सप्ताह एक प्रेस कान्फ्रेंस में टेड्रोस ने कहा कि महामारी का विनाश करने के क्रम में दुनिया कभी भी बेहतर स्थिति में नहीं रही। उन्होंने कहा, 'हम अभी भी वहां नहीं पहुंचे हैं लेकिन अंत नजर आ रहा है।' महामारी विशेषज्ञ रामानन लक्ष्मीनारायण ने सहमति जताई और कहा कि कोविड का खतरा कम गया है क्योंकि लोगों का वैक्सीनेशन हो रहा है।

Edited By: Monika Minal