यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'सुनवाई के दौरान किसी व्यक्ति को तलब कर सकती कोर्ट', सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पर कार्यवाही को लेकर कही ये बात
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अदालतों से कहा कि किसी अपराध में दोषी समझे जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही ...और पढ़ें

HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा दोषी समझे जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही की शक्ति का प्रयोग सावधानी से करें
- सीआरपीसी की धारा 319 से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए की टिप्पणी
- इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला रद, दोनों पक्षों को निचली अदालत जाने को कहा
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अदालतों से कहा कि किसी अपराध में दोषी समझे जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करने की शक्ति का प्रयोग अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए, न कि उसे परेशान करने के साधन के रूप में।
अदालत को सुनवाई के दौरान किसी व्यक्ति को तलब करने का अधिकार
जस्टिस संजय करोल और जायमाल्या बागची की पीठ ने पूर्ववर्ती सीआरपीसी की धारा 319 से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। धारा 319 के तहत अदालत को सुनवाई के दौरान किसी व्यक्ति को तलब करने का अधिकार है।
पीठ ने कहा कि यह प्रविधान अदालत को किसी व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करने का अधिकार देता है, भले ही उसे अभियुक्त न भी बनाया गया हो। यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि इस शक्ति का प्रयोग अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए, न कि लापरवाही से। इसका उद्देश्य केवल न्याय को आगे बढ़ाना है, न कि किसी व्यक्ति को परेशान करने या कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने का साधन बनना।
ये है मामला
शीर्ष अदालत का यह फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा पिछले साल जुलाई में पारित एक आदेश के खिलाफ अपील पर आया। हाई कोर्ट ने 2017 के हत्या के एक मामले में सीआरपीसी की धारा 319 के तहत कौशांबी की निचली अदालत द्वारा एक व्यक्ति के खिलाफ जारी समन को रद कर दिया था।
शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को रद कर दिया
मामले के शिकायतकर्ता द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को रद कर दिया और निचली अदालत के समन आदेश को बहाल कर दिया। पीठ ने पक्षकारों को 28 अगस्त को निचली अदालत में पेश होने का निर्देश दिया और 18 महीने के भीतर मुकदमा पूरा करने का आदेश दिया।
