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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'केजरीवाल के अच्छे काम से भाजपा को हो रही ईर्ष्या', Delhi Service Bill को लेकर संजय राउत का केंद्र पर कटाक्ष

By Jagran NewsEdited By: Shalini Kumari
Published: Mon, 07 Aug 2023 12:37 PM (IST)

आज राज्यसभा में दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2023 पेश किया जाएगा जिसको लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने ...और पढ़ें

अरविंद केजरीवाल के समर्थन में संजय राउत ने भाजपा पर साधा निशाना
अरविंद केजरीवाल के समर्थन में संजय राउत ने भाजपा पर साधा निशाना

HighLights

  1. अरविंद केजरीवाल के समर्थन में संजय राउत का बयान
  2. केजरीवाल के अच्छे काम से भाजपा को हो रही ईर्ष्या- संजय राउत
  3. राज्यसभा में पेश किया जाएगा दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2023

नई दिल्ली, जागरण डेस्क। दिल्ली सेवा विधेयक को सोमवार को राज्यसभा में पेश किए जाने की तैयारी के साथ, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर स्थगन तक उच्च सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है।

इसी बीच, दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार की सराहना करते हुए, उद्धव ठाकरे गुट के संजय राउत ने कहा कि अरविंद केजरीवाल प्रशासन विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम कर रहा है और यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी को 'ईर्ष्या' हो रही है।

संजय राउत का केंद्र पर कटाक्ष

संजय राउत ने मीडिया से कहा, "यह बिल भारत के संघीय ढांचे पर हमला है। चुनाव के दौरान, भाजपा ने कहा था कि वे दिल्ली को राज्य का दर्जा देंगे, लेकिन अरविंद केजरीवाल से चुनाव हार गए। केजरीवाल सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम कर रही है। उन्हें ईर्ष्या हो रही है। हम राज्यसभा में इसका विरोध करेंगे।"

राउत की शिवसेना (UBT) पार्टी विपक्ष के I.N.D.I.A गठबंधन का हिस्सा है, जिसका गठन 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए सरकार से मुकाबला करने के लिए किया गया था।

केजरीवाल को राजनीतिक में रोकने की कोशिश

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने कहा, "यह बिल अरविंद केजरीवाल को राजनीति में आगे बढ़ने से रोकने के लिए लाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी और अन्य पार्टियां हमारा समर्थन कर रही हैं। केंद्र सरकार अपने राजनीतिक हित के लिए यह विधेयक ला रहे हैं। हम जनता के बीच जाएंगे और भाजपा को बेनकाब करेंगे।"

गैर-भाजपा सरकार में जारी होगा विधेयक

आम आदमी पार्टी के एक अन्य सांसद सुशील गुप्ता ने कहा, "यह एक प्रायोगिक विधेयक है, जिसे भाजपा पेश कर रही है, जिसकी शुरुआत दिल्ली से होगी। जहां भी गैर-भाजपा सरकारें हैं, वे इस विधेयक को पेश करेंगी और राज्य सरकार को कमजोर करेंगी। जो भी पार्टियां लोकतंत्र में विश्वास करती हैं, वो इसका विरोध करेंगे।"

कांग्रेस ने पार्टी के लिए जारी किया व्हिप

उच्च सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने 4 अगस्त को तीन लाइन का व्हिप जारी किया, जिसमें कहा गया कि "सोमवार यानी 7 अगस्त, 2023 को राज्यसभा में बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।" मुख्य सचेतक ने कहा, "राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे सोमवार, 7 अगस्त, 2023 को सुबह 11 बजे से सदन के स्थगन तक बिना रुके सदन में उपस्थित रहें और पार्टी के रुख का समर्थन करें।"

7 अगस्त को संसद में उपस्थित होने के लिए व्हिप जारी

रमेश ने कहा, "इसे सबसे महत्वपूर्ण माना जा सकता है। रविवार को राज्यसभा में पार्टी के सांसदों को रिमाइंडर भी भेजा गया।" अनुस्मारक में कहा गया, "सोमवार यानी 7 अगस्त, 2023 को सुबह 10:45 बजे से सदन के स्थगन तक राज्यसभा में सकारात्मक रूप से उपस्थित रहें और पार्टी के रुख का समर्थन करें, क्योंकि विधायी व्यवसाय की महत्वपूर्ण वस्तुओं को मतदान के लिए लिया जाएगा। तीन-लाइन व्हिप इस संबंध में पहले ही जारी किया जा चुका है।"

अमित शाह पेश करेंगे बिल

यह विधेयक दिल्ली सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग पर अध्यादेश को बदलने का प्रयास करता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में विचार और पारित करने के लिए संबंधित विधेयक पेश करने वाले हैं।

विधेयक पारित करने के कदम को विफल करने का पूरा प्रयास

भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A) की पार्टियां विधेयक को पारित करने के सरकार के कदम को विफल करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उच्च सदन में सत्तारूढ़ एनडीए के 100 से अधिक सांसद हैं और बीजेडी और वाईएसआरसीपी ने भी विधेयक को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।

238 सदस्यीय मजबूत सदन में इसे नामांकित सदस्यों और कुछ निर्दलीय सदस्यों का भी समर्थन प्राप्त होने की संभावना है। विपक्षी दलों का 26-ब्लॉक I.N.D.I.A गठबंधन सदन में विधेयक को विफल करने की उम्मीद कर रहा है।