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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CAA:पीएम मोदी ने सद्गुरु के वीडियो को ट्वीट कर दुष्प्रचार करने वालों को किया बेनकाब

By TaniskEdited By:
Published: Mon, 30 Dec 2019 01:38 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 30 Dec 2019 04:14 PM (GMT+05:30)

देश के प्रमुख आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने नागरिकता संशोधन कानून 2019 पर अपनी राय रखते हुए कहा कि कुछ लोगों ...और पढ़ें

CAA:पीएम मोदी ने सद्गुरु के वीडियो को ट्वीट कर दुष्प्रचार करने वालों को किया बेनकाब
CAA:पीएम मोदी ने सद्गुरु के वीडियो को ट्वीट कर दुष्प्रचार करने वालों को किया बेनकाब

नई दिल्ली, एएनआइ। देश के प्रमुख आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने नागरिकता संशोधन कानून 2019 और  नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि शोषित लोगों के लिए यह कानून काफी छोटा सा उपकार है, जिसे लाने में काफी देर हो गई। उन्होंने कहा कुछ लोगों ने अल्पसंख्यक समुदाय की कम पढ़ी लिखी जनता को गलत जानकारी दी। पीएम मोदी ने इसे लेकर एक वीडियो ट्वीट किया है। 

सद्गुरु ने सीएए, एनआरसी और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मेरी नजर में शोषित लोगों के लिए यह कानून काफी छोटा सा उपकार है, जिसे लाने में काफी देर हो गई। यह कानून केवल धार्मिक उत्पीड़न पर केंद्रित है। इसके खिलाफ जिस तरह से प्रदर्शन हुआ उसके बाद मैं सोचने लगा कि क्या मुझसे कुछ छूट गया ? क्या कुछ ऐसा है जो मैं समझ नहीं पा रहा हूं ?'

पीएम मोदी ने वीडियो ट्वीट किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ट्विटर पर सद्गुरु का इसे लेकर एक वीडियो साझा किया और कहा कि आध्यात्मिक नेता शानदार ढंग से भाईचारे की हमारी संस्कृति पर प्रकाश डाल रहे हैं। उन्होंने इस ट्वीट में कहा, 'सद्गुरु द्वारा सीएए से संबंधित पहलुओं की इस स्पष्ट व्याख्या को सुने। सद्गुरु द्वारा संबंधित पहलुओं की इस स्पष्ट व्याख्या को सुनें। वह ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करते हैं, शानदार ढंग से भाईचारे की हमारी संस्कृति पर प्रकाश डालते हैं।'

कुछ लोग खतरनाक खेल खेल रहे हैं- सद्गुरु

सद्गुरु ने नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा, 'कुछ लोग खतरनाक खेल खेल रहे हैं। मुझे लगता है कि कुछ लोगों के बीच इसे लेकर हताशा है। इन लोगों ने धार्मिक समूहों की कम पढ़ी लिखी जनता को इस कानून के बारे में गलत जानकारी दी। इससे इन धार्मिक समूहों के लोगों में यह भावना पैदा हुई कि भारतीय मुसलमान अपनी नागरिकता खो देंगे।'

उपद्रव इतने बड़े पैमाने पर नहीं होना चाहिए था- सद्गुरु

सद्गुरु ने यह भी कहा कि उपद्रव इतने बड़े पैमाने पर नहीं होना चाहिए था। यह दुर्भाग्य की बात है। आज के इस वक्त में हम अपने फोन पर कानून के बारे में सबकुछ जान सकते हैं। कोई भी छात्र इसे पढ़ सकता है, लेकिन वे सभी अनपढ़ लोगों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। प्रमुख विश्वविद्यालयों में पढ़ने के बाद भी वे कानून के बारे में कैसे नहीं पढ़ रहे हैं। यह वास्तव में दुखद है कि ऐसा हो सकता है। 

एनआरसी एक सामान्य प्रक्रिया- सद्गुरु

सद्गुरु ने आगे कहा कि सरकार इस कानून को ठीक तरह से जनता के बीच पहुंचाने में विफल रही है। उन्होंने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं दिखाई देती। लेकिन लोगों को जिस तरह से इसके बारे में जानकारी दी गई कि लोग इसे अपने लिए खतरा मानने लगे। यह निश्चित रूप से बदलना चाहिए।' एनआरसी के बारे में बात करते हुए, सद्गुरु ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है और देश के प्रत्येक नागरिक को रजिस्टर होना चाहिए।

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