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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'सोशल मीडिया बन रहा आतंकियों का हथियार', UNSC की विशेष बैठक में जयशंकर ने पाक पर बिना नाम लिए कसा तंज

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Published: Sat, 29 Oct 2022 10:44 AM (IST)Updated: Sat, 29 Oct 2022 11:07 AM (IST)

UNSC की आतंकवाद निरोधी बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने एकबार फिर आतंकवाद के खतरे को दुनिया के सामने लाया ...और पढ़ें

आतंकवाद निरोधी बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर।
आतंकवाद निरोधी बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर।

नई दिल्ली, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद निरोधी बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज एक बार फिर आतंकवाद के वैश्विक खतरे को दुनिया के सामने लाया है। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद का खतरा न सिर्फ एशिया और अफ्रीका को है बल्कि पूरे विश्व को है। विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा उठाए गए कई कदमों के बावजूद आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।

पाकिस्तान पर कसा तंज

दिल्ली में आतंकवाद विरोधी समिति की UNSC की विशेष बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे आतंकवाद को कुछ हद तक रोकने में कामयाबी मिली है। जयशंकर ने पाक का नाम लिए बिना कहा कि कई देश में तो आतंकवाद एक वित्त पोषित उद्यम बन गया था अब उनकी असलियत भी सबके सामने आ रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन रहा आतंकियों का टूलकिट 

जयशंकर ने कहा कि समाज को अस्थिर करने के उद्देश्य से प्रचार, कट्टरता और साजिश के सिद्धांतों को फैलाने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आतंकवादियों और आतंकवादी समूहों के टूलकिट में शक्तिशाली उपकरण बन गए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की सरकारों के लिए अब यह भी एक बड़ा संकट बनता जा रहा है। उभरती प्रौद्योगिकियों के नाकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क, एन्क्रिप्टेड मैसेज और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों ने भी सरकारों और नियामक निकायों के लिए नई चुनौतियां खड़ी की हैं। 

लगातार बढ़ रहा आतंकवाद का खतरा

जयशंकर ने आगे कहा कि इन सभी कदमों के बावजूद आतंकवाद का खतरा केवल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से एशिया और अफ्रीका में हो रहा है, जैसा कि प्रतिबंध समिति की निगरानी रिपोर्टों की लगातार रिपोर्टों ने उजागर किया है।

आतंक पर रोक लगाने को भारत देगा 5 लाख डॉलर का योगदान

इस बीच जयशंकर ने घोषणा की कि भारत आतंकवाद के खतरे को रोकने और उसका मुकाबला करने में सदस्य देशों को क्षमता-निर्माण सहायता प्रदान करने के लिए इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र ट्रस्ट फंड फॉर काउंटर टेररिज्म में 5 लाख डॉलर का स्वैच्छिक योगदान देगा। बता दें कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी बैठक की मेजबानी कर रहा है। दिल्ली में चल रही बैठक भारत की आतंकवाद निरोधी समिति (सीटीसी) की अध्यक्षता में हो रही है।

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