यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंटरनेट सेवाओं के इस्तेमाल में शहरी लोगों से पीछे नहीं हैं ग्रामीण, जानें क्या कहती है IAMAI की रिपोर्ट
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) की रिपोर्ट में भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं के ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत अब भारत के शहरी क्षेत्रों साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र भी आगे बढ़ रहे हैं। देश की ग्रामीण आबादी भी अब भारत में इंटरनेट के विकास को नई गति दे रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इस समय 692 मिलियन (69 करोड़ से अधिक) सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। जिनमें से 37 प्रतिशत उपयोगकर्ता ग्रामीण क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। इनकी संख्या 351 मिलियन (35 करोड़ से अधिक) हैं।
76 करोड़ से अधिक भारतीय हैं इंटरनेट सेवाओं से दूर
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी केंद्रों में अब 341 मिलियन (34 करोड़ से अधिक) उपयोगकर्ता हैं। हालांकि, लगभग 762 मिलियन (76 करोड़ से अधिक) भारतीयों ने अभी तक इंटरनेट को नहीं अपनाया है, जिनमें से 63 प्रतिशत ग्रामीण भारतीय हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 346 मिलियन (34 करोड़ से अधिक) भारतीय आनलाइन लेनदेन जैसे ई-कामर्स और डिजिटल भुगतान करते हैं। यह संख्या अमेरिका की कुल अनुमानित 331 मिलियन (33 करोड़) आबादी से अधिक है।
वैश्विक महामारी के दौरान हुई डिजिटल लेनदेन में वृद्धि
वैश्विक महामारी के दौरान भारत में केवल दो वर्षों में डिजिटल लेनदेन में रिकार्ड 51 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में महिला उपयोगकर्ताओं की तुलना में अधिक पुरुष इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों उपयोगकर्ताओं में लगभग समान लिंग अनुपात हैं। ग्रामीण भारत में ओटीटी सेवाओं की पहुंच शहरी भारत के बराबर है।
बिहार में सबसे कम होता है इंटरनेट का इस्तेमाल
हालांकि, आनलाइन गेमिंग, डिजिटल कामर्स और डिजिटल भुगतान जैसी अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुंच अभी भी शहरी उपयोगकर्ताओं के पक्ष में दिखाई देती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ग्रामीण आबादी के बीच इस तरह की सेवाओं के विकास के लिए एक बड़े फर्क को साफ दर्शाती है। गोवा में इंटरनेट की पहुंच सबसे अधिक है, जबकि बिहार में सबसे कम है।
