विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हादी की मौत, हिंसा और यूनुस की चुप्पी... बांग्लादेश के ताजा घटनाक्रम ने क्यों बढ़ाई भारत की चिंता?

Published: Fri, 19 Dec 2025 09:52 PM (IST)

बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ ओस्मान हादी की मौत के बाद अफवाहों से स्थिति विस्फोटक हो गई है। छात्र नेता ...और पढ़ें

हादी की मौत पर बांग्लादेश में फैली अफवाह यूनुस सरकार ने साधी चुप्पी (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

हादी की मौत पर बांग्लादेश में फैली अफवाह यूनुस सरकार ने साधी चुप्पी (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

HighLights

  1. छात्र नेता की मौत पर भारत विरोधी नारे

  2. भारतीय उच्चायोग पर हमले की धमकी

  3. वीजा संबंधी काम भारत ने किया बंद

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ ओस्मान हादी की मौत को लेकर फैली अफवाहों ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया है। गुरुवार देर शाम से ही बांग्लादेश के सोशल मीडिया में वहां केछात्र नेताओं की तरफ से हादी की मौत के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने का काम जारी है।

भारत की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इन अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए वहां की अंतरिम सरकार की तरफ से कुछ नहीं किया जा रहा। प्रोफेसर मोहम्मद युनुस सरकार की तरफ से जारी बयान में भी स्थिति साफ नहीं की गई हैजबकि इस बारे में भारत की तरफ से बांग्लादेश सरकार को संदेश भी दिया गया था।

भारत की है पैनी नजर

बहरहाल, भारत पड़ोसी देश की बिगड़ती स्थिति पर बहुत ही पैनी नजर रखे हुए है लेकिन शुक्रवार को कोई बयान जारी नहीं किया गया।उधर, शुक्रवार देर शाम खबर लिखे जाने तक आंदोलनकारी छात्र संगठनों की तरफ से लगातार भारतीय उच्चायोग पर हमला करने की धमकी दी जा रही है।

छात्र संगठनों के समूह की तरफ से 'इंडिया हादी किलर' और 'ग्रेटर बांग्लादेश' जैसे भड़काऊ नारे लगाये जा रहे हैं। छात्र संगठनों के नेता टिकटाक, एक्स, फेसबुक पर इन भारत विरोधी प्रदर्शनों को खुलेआम डाल रहे हैं। बेनापोल बॉर्डर पर ''लॉन्ग मार्च टू बॉर्डर'' का आयोजन किया गया, जहां प्रदर्शनकारी भारत सीमा के पास पहुंचे और नारे लगाए।

आंदोलनकारियों की तरफ से ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की तरफ कूच करने का ऐलान भी किया गया था। हालांकि भारत के आग्रह पर उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ाई गई है। सूचना है कि चट्टोग्राम व सिलहट स्थित भारतीय मिशन के कार्यालय पर गुरुवार को देर रात कुछ अतिवादी तत्व पहुंच गये थे। यह फिलहाल भारत की एक बड़ी चिंता है।

भारत ने वीजा संबंधी काम किया बंद

बुधवार को ही भारत ने बांग्लादेश स्थित अपने सभी मिशनों में वीजा संबंधी काम बंद करने की घोषणा कर दी थी। शुक्रवार को अवकाश का दिन रहा है। हालात को देखते हुए शनिवार को भी हालात के तनावपूर्ण रहने की संभावना है।सनद रहे कि हादी को पिछले सप्ताह ढाका में हमलावरों ने गोली मारी थी। 18 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

प्रदर्शनकारी इसे भारत की साजिश बता रहे हैं। हादी, जो जुलाई, 2024 विद्रोह का प्रमुख चेहरा था “इंकिलाब मंच'' का प्रवक्ता भी था। उनकी छवि भारत के कट्टर आलोचक की थी। हादी की मौत के बाद राजधानी ढाका की स्थिति और खराब हो गई है। एक हिंदू युवक की हत्या भी कट्टरपंथियों ने कर दी है।

हादी की मौत को भारत से जोड़ने के अफवाहों को रोकने के लिए अंतरिम सरकार के किसी भी मंत्री ने या किसी सुरक्षा एजेंसी ने कोई भी बयान नहीं दिया है। सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। पूरे देश में यह देखा जा रहा है जब स्थिति पूरी तरह से हाथ से निकलने पर ही स्थानीय पुलिस पहुंच रही है।

भारत-बांग्लादेश में तनाव

इससे हिंसा को बढ़ावा मिलता है। यह समस्या शेख हसीना की सरकार के बेदखल होने के बाद से ही बनी हुई है, जब से देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। छात्र संगठनों के बेहद आक्रामक रवैया को देखते हुए पुलिस अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे हट जाते हैं।

इस बारे में उन्हें केंद्र या राज्य प्रशासन का रवैया भी संदेह के घेरे में है। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात का और बिगड़ जाना ना बांग्लादेश के हित में होगा और ना ही भारत के। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है।

भारत विरोधी हादी की मौत के बाद हिंसा भड़की; सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, अब तक क्या हुआ