विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकारी ठेकों में अल्पसंख्यक कोटा देने पर कर्नाटक विधानसभा में बवाल, BJP विधायकों ने बिल की कॉपी फाड़कर स्पीकर पर फेंकी

Published: Fri, 21 Mar 2025 11:51 AM (IST)

कर्नाटक विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भारी हंगामा हुआ। अल्पसंख्यकों के लिए सरकारी ठेकों में 4 फीसदी ...और पढ़ें

अल्पसंख्यक कोटा देने पर कर्नाटक विधानसभा में बवाल (फोटो-जागरण)
अल्पसंख्यक कोटा देने पर कर्नाटक विधानसभा में बवाल (फोटो-जागरण)

HighLights

  1. सरकारी ठेकों में मिलेगा 4 फीसदी का आरक्षण।
  2. कर्नाटक विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच अल्पसंख्यकों के लिए सरकारी ठेकों में 4 फीसदी का आरक्षण देने वाला बिल पास हो गया है। इसके बाद से सदन में हंगामा शुरू हो गया। साथ ही BJP विधायकों ने बिल की कॉपी फाड़कर स्पीकर पर फेंक दी है।

इसके साथ ही मंत्रियों और विधायकों के वेतन से जुड़ा बिल भी पारित हो गया है। सदन के अंदर भारी हंगामा होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही को 01:30 बजे तक स्थगित कर दिया गया है।

विधेयक की प्रति फाड़कर स्पीकर की तरफ फेंकी

भाजपा विधायकों ने 4 फीसदी वाले कोटा विधेयक की प्रतियों फाड़कर उसे स्पीकर की तरफ फेंक दिया। भाजपा इस विधेयक को 'असंवैधानिक' बताकर इसका विरोध कर रही है। पार्टी का कहना है कि वो इस विधेयक को कानूनी रूप से चुनौती देगी। विधेयक को पारित किए जाने के खिलाफ बीजेपी विधायक नारेबाजी करते हुए स्पीकर  के तरफ आए। दूसरी तरफ कांग्रेस का कहना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदाय को सामाजिक न्याय और आर्थिक अवसर देगा।

मंत्रियों की सैलरी में बंपर बढ़ोतरी

बताया गया है कि मुख्यमंत्री की सैलरी को ₹75,000 से बढ़कर 1.5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं मंत्रियों की सैलरी ₹60,000 से बढ़कर 1.25 लाख रुपये कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विधायकों की सैलरी ₹40,000 से बढ़ाकर 80,000 रुपये करने का प्रस्ताव है।

पूर्व विधायकों के मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी

इसके साथ ही पूर्व विधायकों का मेडिकल भत्ता ₹5,000 से बढ़कर 20,000 रुपये किया जाएगा। क्षेत्रीय यात्रा भत्ता ₹60,000 से बढ़कर 80,000 कर दिया जाएगा। इसके लिए ट्रेन और हवाई टिकट का सालाना भत्ता ₹2.5 लाख से बढ़कर 3.5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है।