देश के हाईवे पर अक्सर दिखने वाला स्पीड थ्रिल्स बट किल्स का संदेश भी लोगों को सचेत नहीं कर पा रहा
Road Safety वाहन में तकनीकी खराबी औऱ खराब मौसम भी भारत में सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत का कारण बने। बीते वर्ष देश में खराब मौसम के कारण 5405 और वाहन में खराबी के कारण 2935 लोगों की जान गई

नई दिल्ली, जेएनएन। देश के हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अक्सर दिखने वाला स्पीड थ्रिल्स बट किल्स का संदेश भी लोगों को सचेत नहीं कर पा रहा है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर वाहन ड्राइविंग की गति बेकाबू होती जा रही है। एनसीआरबी की रिपोर्ट कहती है कि वर्ष 2021 में तेज गति सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण रही।
- 59.7 हादसे वर्ष 2021 में तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुए। देश में कुल 4,03,116 सड़क दुर्घटनाएं बीते वर्ष दर्ज की गई
- 25.7 दुर्घटनाएं वर्ष 2021 में लापरवाह ड्राइिवंग और ओवरटेकिंग से हुईं। कुल दुर्घटनाओं में इनकी संख्या 1,03,629 रह
- 27.1 लोगों की जान उत्तर प्रदेश में बीते वर्ष नशे में वाहन चलाने के कारण गई। पूरे देश में यह सबसे अधिक संख्या है
- 87,000 से अधिक लोगों की मौत बीते वर्ष तेज गति से वाहन चलाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में हुई
- 8,797 लोगों ने कर्नाटक में बीते वर्ष तेज गति के कारण जान गंवाई। यह देश में दूसरी सर्वाधिक संख्या रही
- 1.9 % मार्ग दुर्घटनाएं भारत में वर्ष 2021 में शराब पीकर वाहन चलाने केकारण हुईं। इनमें 2,935 लोगों ने जान गंवाई
- 11,419 लोगों की मौत तेज गति के कारण वाहन चलाने से तमिलनाडु में हुई। वर्ष 2021 में भारत में इसी राज्य में तेज गति के कारण सबसे अधिक मौतें हुई
- देश में लापरवाही से वाहन चलाने के कारण वर्ष 2021 में सबसे अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। यह संख्या 11,479 रही।
- वाहन में तकनीकी खराबी औऱ खराब मौसम भी भारत में सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत का कारण बने। बीते वर्ष देश में खराब मौसम के कारण 5,405 और वाहन में खराबी के कारण 2,935 लोगों की जान गई
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