जशपुरनगर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले के पत्थलगांव में शुक्रवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के लिए निकाले गए जुलूस में तेज रफ्तार वाहन (महिंद्रा क्वांटो) घुस गया। इसकी चपेट में आने से पत्थलगांव निवासी गौरव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोगों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हालांकि, प्रशासन ने केवल एक व्यक्ति की मौत की ही पुष्टि की है। हादसे में दर्जनभर से अधिक लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दु:ख व्यक्त करते हुए मामले के जांच के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद प्रदर्शन हुआ। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हादसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा घोषित 50-50 लाख रुपये मुआवजे के तर्ज पर मरने वालों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुक्रवार दोपहर मां दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। इस दौरान ओडिशा की ओर से आ रहा तेज रफ्तार वाहन जुलूस के बीच घुस गया और लोगों को रौंदते हुए आगे निकल गया। इसके बाद वाहन सड़क से उतरकर खेत में चला गया। यह देख लोगों ने वाहन में सवार बबलू विश्वकर्मा, निवासी ग्राम बैढ़ना, जिला सिंगरौली (मप्र) और शिशुपाल साहू, निवासी ग्राम बरगवां, जिला सिंगरौली (मप्र) को पकड़कर पिटाई शुरू कर दी।

दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया

वाहन को आग लगा दी। वाहन में बड़ी मात्रा में गांजा रखा था। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच घटना से गुस्साए लोगों ने थाने पर पहुंचकर हंगामा किया और कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। उधर, कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने हादसे के बाद लोगों के गुस्से को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करवा दिया। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने लापरवाही बरतने के आरोप में थानाप्रभारी संतलाल अयाम को लाइन हाजिर और एएसआइ केके साहू को निलंबित कर दिया।

लखीमपुर खिरी के तर्ज पर पचास लाख की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

हादसे के बाद चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रही उग्र भीड़ को समझाने के लिए पहुंचे कलेक्टर रितेश अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने मरने वालों के स्वजन को शासन के नियम के अनुसार मुआवजा देने का भरोसा दिया, लेकिन वह राजी नहीं हुए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुए हादसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा घोषित 50-50 लाख रुपये मुआवजे के तर्ज पर उनको भी मुआवजा देने की मांग की। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे हुए थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया

घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ट्वीट करके कहा है, 'जशपुर की घटना बहुत दुखद और हृदयविदारक है। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रथमदृष्टया दोषी दिख रहे पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। जांच के आदेश दिए गए हैं। कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। सबके साथ न्याय होगा। ईश्वर दिवंगतजनों की आत्मा को शांति दे।घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।'

Edited By: Tanisk