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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्राइवेट पार्ट पर चोट, कई बार हुई थी बर्बरता... RG Kar Rape Case में कब क्या हुआ?

Published: Sat, 18 Jan 2025 09:01 AM (IST)Updated: Sat, 18 Jan 2025 03:08 PM (IST)

RG Kar rape case आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले में स्थानीय अदालत ...और पढ़ें

RG Kar Doctor rape case आरजी कर केस में आरोपी संजय दोषी करार। (फाइल फोटो)
RG Kar Doctor rape case आरजी कर केस में आरोपी संजय दोषी करार। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पिछले साल 9 अगस्त को महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या हुई थी।
  2. अब 59 दिन बाद फैसला सुनाया जाएगा।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। RG Kar Doctor rape case कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ट्रेनी महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले में स्थानीय अदालत ने आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है। फैसला 20 जनवरी को आएगा।

बता दें कि पिछले साल 9 अगस्त को अस्पताल के सेमिनार हॉल में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। महिला के साथ बुरी तरह दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मामला स्थानीय सियालदह अदालत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास की कोर्ट में चला, जिसपर 59 दिन बाद फैसला सुनाया जाएगा। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृत डॉक्टर के शरीर पर 14 से ज्यादा चोट के निशान थे।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के सिर, गाल, होंठ, नाक, दाहिना जबड़ा, ठोड़ी, गर्दन, बायां हाथ, बायां कंधा, बायां घुटना, टखना और प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान मिले हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेनी डॉक्टर के साथ कई बार बर्बरता भी हुई थी।

आइए जानें अब तक मामले में क्या-क्या हुआ...

  • 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म हुआ और उसकी हत्या कर दी गई। डॉक्टर का शव अर्धनग्न हालात में मिला।
  • 10 अगस्त को कोलकाता पुलिस ने मामले का संदिग्ध मानकर अस्पताल के सिविक वालंटियर संजय रॉय को हिरासत में लिया। इस दौरान पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए।
  • इसके बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी में मामले में एक्शन मोड में दिखी और उन्होंने पुलिस को सार्वजनिक तौर पर अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मामला 7 दिन में सुलझना चाहिए, नहीं तो सीबीआई को सौंप दिया जाएगा। इसी बीच, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संदीप घोष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

  • मामले के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन होने लगे। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान लिया और इसे बेहद विभत्सकारी घटना बताया। कोर्ट ने कहा कि अगर डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वो किसी और की जान कैसे ही बचाएंगे। कोर्ट ने इसके बाद मामले को सीबीआई को सौंप दिया। 
  • मामले में 25 सदस्यीय सीबीआई टीम का गठन हुआ और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई। इसी दौरान ममता ने विरोध रैली भी निकालने की घोषणा की। 
  • 14 अगस्त को कई मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। 
  • 14 अगस्त को आधी रात भीड़ ने आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद IMA ने 17 अगस्त को देशभर में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद करने की घोषणा की। 
  • इस बीच सीबीआई ने संदीप घोष से कई घंटों तक पूछताछ की और कोर्ट की अनुमति के बाद उसका पॉलीग्राफी टेस्ट भी किया।

  • इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान लिया और डॉक्टरों की सुरक्षा पर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में पीठ ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय प्रोटोकोल तैयार किया और 10 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया। कोर्ट ने राज्य सरकार और कोलकाता पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट भी देने को कहा। 
  • इसके बाद मुख्य आरोपी संजय रॉय समेत छह अन्य लोगों का लाई डिटेक्टश टेस्ट हुआ।
  • सीबीआई ने इसके बाद संदीप घोष के घर छापा मारा और 2 सितंबर को वित्तीय गड़बड़ी मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
  • इसके बाद सीबीआई ने संदीप घोष और मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी और सबूत गायब करने के आरोप में कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी अभिजीत मंडल को गिरफ्तार किया।
  • 7 अक्टूबर को सीबीआई ने संजय रॉय के खिलाफ चार्जशीट दायर की। 
  • 11 अक्टूबर को इसके बाद सियालदह कोर्ट में इस मामले में ट्रायल शुरू हुआ। 
  • चार्जशीट दाखिल करने में देरी के चलते मुख्य आरोपी संजय और दूसरे आरोपी अभिजीत मंडल और अन्य को जमानत मिल गई।

अब सियालदह कोर्ट तमाम दलीलों को सुनने के बाद 20 जनवरी को फैसला सुनाएगी।