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बेंगलुरू से मेहदी चलता था आइएस का भर्ती अभियान

आतंकी गुट आइएस का ऑनलाइन भर्ती अभियान भारत की आइटी राजधानी बेंगलुरू से चल रहा था। यहां की एक आइटी कंपनी में नौकरी करने वाला मेहदी मसरूर बिस्वास ट्विटर के जरिए दुनिया भर में नफरत की फसल उगा रहा था। ब्रिटिश चैनल-4 के खुलासे के बाद एनआइए समेत देश की

By vivek pandeyEdited By: Published: Fri, 12 Dec 2014 10:47 AM (IST)Updated: Sat, 13 Dec 2014 11:08 AM (IST)

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। आतंकी गुट आइएस का ऑनलाइन भर्ती अभियान भारत की आइटी राजधानी बेंगलुरू से चल रहा था। यहां की एक आइटी कंपनी में नौकरी करने वाला मेहदी मसरूर बिस्वास ट्विटर के जरिए दुनिया भर में नफरत की फसल उगा रहा था।

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ब्रिटिश चैनल-4 के खुलासे के बाद एनआइए समेत देश की सभी जांच एजेंसियां पूरे जोरशोर से उसकी तलाश कर रही हैं। मामले की औपचारिक जांच एनआइए को सौंपी गई है। लिहाजा, अपने ट्विटर हैंडिल पर अमेरिकी नागरिकों के कटे सिर देखकर खुश होने वाला मेहदी अब पुलिस के हाथों मारे जाने के डर से आत्मसमर्पण की मंशा जाहिर कर रहा है।

ट्विटर हैंडिल शमी विटनेस चलाने वाले मेहदी मसरूर बिस्वास ने ब्रिटिश चैनल-4 को शुक्रवार को दिए ताजा साक्षात्कार में कहा कि वह भारतीय पुलिस के हाथों मरना नहीं चाहता है। जब से उसने सुना है कि पुलिस उसकी तलाश में है मेहदी ने कहा कि वह आत्मसमर्पण करने को तैयार है। उसने चैनल के रिपोर्टर से कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक नहीं रखता। इसलिए उसे डर है कि पुलिस उसे देखते ही मार डालेगी और दावा करेगी कि उसी ने पुलिस पर गोली चलाई थी।

आइएस का सबसे बड़ा प्रचारक

इसे ढूंढ निकालने वाले ब्रिटेन के चैनल-4 के अनुसार मेहदी अपने ट्विटर एकाउंट का इस्तेमाल आइएस की जहरीली सोच के प्रचार-प्रसार के साथ आतंकियों की ऑनलाइन भर्ती कराने के लिए करता था। वह आइएस के समर्थन में हर दिन सैकड़ों ट्वीट करता और हर दिन उसे हजारों ट्वीट आते थे।

वह आतंकियों के बीच बातचीत में भी मदद करता। उसने अमेरिकी नागरिक पीटर किसिंग की हत्या व दर्जनों सीरियाई सिपाहियों की मौत के वीडियो इंटरनेट पर डालते ही कई ट्वीट किए। उसने बद्र्धमान धमाके के बाद जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के पक्ष में भी ट्वीट किया।

तलाश जारी

खुफिया सूत्रों का कहना है कि मेहदी फिलहाल बेंगलुरू में नहीं है। वैसे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस शख्स को ढूंढने की कोशिश जारी है। इसके लिए लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग की मदद मांगी गई है। उच्चायोग को ब्रिटिश सरकार के सहयोग से चैनल-4 के पास उपलब्ध सारी जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजु ने बताया कि उसकी गतिविधियों पर नजर रखने को पूरी प्रणाली तैयार है। कई एजेंसियां कई स्थानों पर विभिन्न दिशाओं में काम कर रही हैं।

पश्चिम बंगाल कनेक्शन

मेहदी मसरूर बिस्वास मूलत: पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। उसने वेस्ट बंगाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्नातक किया है। वह बेंगलुरू में एक बड़ी आइटी कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव है। वह आइएस की लड़ाई में शामिल होना चाहता है।

मजीद ने किया था इशारा

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिछले महीने इराक से भागकर आये मुंबई के आरिफ मजीद ने भी पूछताछ में बेंगलुरू के किसी शख्स के बारे में बताया है, जो आइएस के लिए काम करता है। लेकिन आरिफ इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाया।

फेसबुक एकाउंट पर चुटकुले

मेहदी के फेसबुक पेज पर यह आदमी नियमित रूप से चुटकुले, मजाकिया तस्वीरें शेयर करता है और सुपरहीरो की फिल्मों की बातें करता है। उसने अपने दोस्तों के साथ पिज्जा डिनर की तस्वीरें और दफ्तर की पार्टियों की तस्वीरें भी शेयर की हैं।

जहरीले ट्विटर हैंडल की गहरी पैंठ

* शमी विटनेस नाम से आइएस का सबसे प्रभावी एकाउंट

* इस ट्विटर एकाउंट के थे 17,700 फालोवर

* हर महीने बीस लाख लोग उसके ट्वीट पढ़ते थे

* विदेशी जेहादी थे फालोवर, ब्रिटिश जेहादियों से रोज होती थी बात

* सभी विदेशी जेहादियों में दो-तिहाई इसे नियमित रूप से करते थे फालो

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