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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cardiac Arrest: खतरे की घंटी बजाता दिल, ये है युवाओं को कार्डिएक अरेस्ट आने के मुख्य कारण

By TilakrajEdited By:
Published: Thu, 08 Sep 2022 02:42 PM (IST)

दिल अचानक से काम करना बंद कर दे तो उसे कार्डिएक अरेस्ट कहते हैं। यह बिना किसी संकेत के एकाएक ...और पढ़ें

कोविड से रिकवर हुए लोगों में दिल की समस्याएं बढ़ रही
कोविड से रिकवर हुए लोगों में दिल की समस्याएं बढ़ रही

नई दिल्‍ली, रंजना मिश्रा। पिछले कुछ समय से ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें कोई डांस करते-करते या स्पीच देते-देते अचानक गिर जाता है और उसकी मौत हो जाती है। कोई गाड़ी में बैठकर जा रहा है, उसे दिल का दौरा पड़ जाता है और मौत हो जाती है। आजकल हमारे आसपास ऐसी कई घटनाएं बढ़ रही हैं और इनके वीडियो भी खूब आ रहे हैं। इन घटनाओं को देख, सुन और पढ़कर लोग घबराने लगे हैं, क्योंकि दो क्षण पहले तक बिल्कुल फिट और स्वस्थ दिखने वाला व्यक्ति अचानक गिर पड़ता है और एक झटके में उसकी मौत हो जाती है। केवल भारत में ही नहीं, दुनिया भर में इसी तरह कई लोगों की जान जा रही है। ये सभी मामले कार्डिएक अरेस्ट के हैं।

कार्डिएक अरेस्ट आने पर एक मिनट के अंदर मौत!

दिल अचानक से काम करना बंद कर दे तो उसे कार्डिएक अरेस्ट कहते हैं। यह बिना किसी संकेत के एकाएक हो जाता है। कार्डिएक अरेस्ट आने पर एक मिनट के अंदर मौत हो सकती है। दरअसल, दिल की धमनियों के ब्लाक होने से ब्लड सप्लाई पर असर पड़ता है, यानी दिल के किसी हिस्से तक ब्लड सप्लाई रुक जाती है। दिल तक ब्लड फ्लो में दिक्कत से हार्ट अटैक आता है।

इसलिए आता है कार्डिएक अरेस्ट

जरूरी नहीं कि हार्ट अटैक आने पर मरीज की मौत हो ही जाए, लेकिन कार्डिएक अरेस्ट में एक झटके में सब रुक जाता है और व्यक्ति की मौत हो जाती है। दरअसल, दिल के अंदर एक इलेक्ट्रिकल सिस्टम होता है। इलेक्ट्रिकल सिस्टम हार्ट और दिमाग से जुड़ा रहता है। इसी सिस्टम से दिल को तरंगों के जरिये संकेत मिलते रहते हैं। इन्हीं संकेतों के आधार पर दिल काम करता है। ये इलेक्ट्रिक तरंगें दिल की धड़कनों को मानिटर करती हैं। इलेक्ट्रिक तरंगों में गड़बड़ी के कारण कार्डिएक अरेस्ट आता है।

10 में से नौ लोगों की हो जाती है मौत

कार्डिएक अरेस्ट आने पर 10 में से नौ लोगों को अस्पताल तक पहुंचने का समय भी नहीं मिल पाता, उससे पहले ही उनकी मृत्यु हो जाती है। एक अनुमान के मुताबिक 2030 तक कार्डिएक अरेस्ट से होने वाली सबसे ज्यादा मौतें भारत में होंगी। आंकड़ों से पता चलता है कि कार्डिएक अरेस्ट से भारत में होने वाली मौतें साल दर साल बढ़ती जा रही हैं। साल 2021 में 28 हजार 449 मौतें कार्डिएक अरेस्ट के कारण हुईं।

ये है युवाओं को कार्डिएक अरेस्ट आने के मुख्य कारण

युवाओं को कार्डिएक अरेस्ट आने के जो मुख्य कारण हैं, उनमें से एक है हाइपरटेंशन, दूसरा है सुस्त लाइफस्टाइल, तीसरा डायबिटीज और चौथा अल्कोहल एवं स्मोकिंग। इसके अलावा पोस्ट कोविड में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। कोविड से रिकवर हो चुके लोगों में दिल की समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक स्वस्थ रहने की जरूरत है। प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा टहलने की कोशिश करनी चाहिए। सावधानियां बरतने और संतुलित जीवन शैली अपनाने से ही ऐसी स्थितियों से बचा जा सकता है।

(लेखिका स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं)