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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

SC: जजों के खिलाफ लोकपाल की सुनवाई मामले में रंजीत कुमार न्यायमित्र नियुक्त, हाईकोर्ट जज पर भ्रष्टाचार का आरोप

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Tue, 18 Mar 2025 11:30 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है। इससे पहले सुनवाई में जस्टिस ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को भष्टाचार मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को भष्टाचार मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है (फाइल फोटो)

HighLights

  1. लोकपाल ने हाई कोर्ट के जज के खिलाफ शिकायत पर जारी किया था आदेश
  2. सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान वाले इस मामले में 15 अप्रैल को होगी सुनवाई

 पीटीआई, नई दिल्ली। हाई कोर्ट के जज के खिलाफ शिकायत पर लोकपाल के सुनवाई करने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर इस मामले पर सुनवाई कर रहा है।

जज के खिलाफ शिकायत सुनने पर नाराजगी जताई

सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है। इससे पहले सुनवाई में जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अभय ओक की पीठ ने सुनवाई के दौरान लोकपाल के हाई कोर्ट के जज के खिलाफ शिकायत सुनने पर नाराजगी जताई।

सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को लोकपाल के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा था कि यह बहुत ही परेशान करने वाला है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता से संबंधित है। पीठ ने उन न्यायाधीश के नाम का खुलासा करने पर भी रोक लगा दी है, जिनके खिलाफ लोकपाल ने शिकायत सुनी।

शिकायतकर्ता भी मंगलवार को पीठ के समक्ष पेश हुआ

लोकपाल से जज की शिकायत करने वाला शिकायतकर्ता भी मंगलवार को पीठ के समक्ष पेश हुआ और अपना लिखित बयान सौंपा। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और बीएच मार्लापल्ले लोकपाल के अधिकार क्षेत्र के खिलाफ सुनवाई के दौरान दलीलें पेश की।

तुषार मेहता ने कहा कि हाई कोर्ट के जज के खिलाफ शिकायत पर सुनवाई करना लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और सिर्फ लोकपाल कानून के एक सेक्शन की जांच करने की जरूरत है। पीठ का कहना है कि हाई कोर्ट के जज संवैधानिक शक्ति हैं और लोकपाल उनके खिलाफ शिकायत नहीं सुन सकते।

क्या है पूरा मामला

दरअसल बीती 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाले लोकपाल ने अपने आदेश में कहा कि लोकपाल एक्ट के तहत हाई कोर्ट के न्यायाधीश भी लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। लोकपाल ने यह टिप्पणी एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए की।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक निजी कंपनी से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश ने अतिरिक्त जिला जज और एक अन्य हाई कोर्ट के जज को प्रभावित करने की कोशिश की। लोकपाल ने देश के मुख्य न्यायाधीश से इसे स्पष्ट करने की मांग की थी।

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