नई दिल्ली। पर्यटन क्षेत्र को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने अमेरिका, जर्मनी और इजरायल समेत 43 देशों के लिए ई-वीजा की शुरुआत की है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई व्यवस्था की शुरुआत करते हुए कहा कि इसके जरिए विकास दर में पर्यटन का योगदान दोगुना करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि अभी हमने 43 देशों के लिए इस सुविधा की शुरुआत की है। आने वाले दिनों में उच्च संवेदनशील देशों के अतिरिक्त दुनिया के लगभग सभी देशों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाएगा।

राजनाथ सिंह ने बताया कि सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का योगदान करीब सात फीसद है। अब वह इसे दोगुना करना चाहते हैं। सरकार पर्यटन को देश में बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने की इच्छुक है। पहले चरण में रूस, यूक्रेन, ब्राजील, यूएई, जॉर्डन, केन्या, फिजी, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मॉरिशस, मेक्सिको, नार्वे, ओमान और फिलीपींस सहित अन्य देशों से आने वाले ई-वीजा सुविधा ले सकेंगे। ई-वीजा की सुविधा देने के लिए देश के नौ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर तमाम इंतजाम किए गए हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और गोवा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं।

क्या होगी प्रक्रिया

इच्छुक पर्यटक वेबसाइट पर पासपोर्ट की स्कैन कॉपी जमा कर और वीजा शुल्क के ऑनलाइन भुगतान के जरिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरा होने के 72 घंटे के अंदर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक ट्रेवल ऑथराइजेशन प्राप्त हो जाएगा। भारत आने पर हवाईअड्डे पर पर्यटक के पासपोर्ट और बायोमिट्रिक पहचान साबित होने के बाद उस पर वीजा लगा दिया जाएगा। यह वीजा 30 दिन के लिए वैध होगा। साल में दो बार इसके लिए आवेदन किया जा सकेगा।

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Edited By: Sudhir Jha