नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया के आगरा में दिए विवादित बयान को लेकर आज कांग्रेस ने संसद में गांधी जी की मूर्ति के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद और दूसरे कई कांग्रेसी सांसद हाथों में पर्चा लिए रामशंकर कठेरिया के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए।

कठेरिया के बयान पर राजनाथ की सफाई

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कठेरिया के मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोगों का सम्मान किया जाता है। राजनाथ ने कठेरिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया में यदि कोई धर्मनिरपेक्ष देश कोई है तो वह भारत है।

आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता, कोई रंग नहीं होता। भड़काऊ भाषण पर मचे बवाल पर विपक्ष को आरोपों पर पलटवार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द को किसी राजनीतिक फायदे या नुकसान से नहीं तौला जा सकता।

राजनाथ सिंह ने अशफाकउल्लाह खान का जिक्र करते हुए कहा कि 'उन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। हम कैसे कह सकते हैं कि इस देश के मुसलमान राष्ट्रवादी नहीं है'।

कठेरिया पर भड़का विपक्ष

इससे पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार होती तो विवादित बयान देने वाले लोग अभी तक जेल के भीतर होते।

इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने रामशंकर कठेरिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उनका ये बयान देशद्रोह के केस में बिलकुल ठीक बैठता है।
खबर है कि रामशंकर कठेरिया के बयान को लेकर आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह राज्यसभा में दो बजे बयान दे सकते हैं।

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Edited By: Atul Gupta