विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'छोटी मछलियों के पीछे क्यों पड़े', लालू के करीबी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची ED से जज ने पूछा सवाल

Published: Mon, 07 Apr 2025 03:41 PM (IST)

रेलवे के जमीन के बदले नौकरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से किया मना।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से किया मना।

HighLights

  1. रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों से जुड़ा मामला।
  2. 2004 से 2009 के बीच की गई थीं नियुक्तियां।
  3. 2023 में अमित को किया गया था गिरफ्तार।

पीटीआई, नई दिल्ली। रेलवे में जमीन के बदले नौकरी स्कैम से जुड़े धन शोधन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ा झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में सोमवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी व्यवसायी अमित कत्याल को मिली जमानत के खिलाफ दाखिल ईडी की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

ईडी ने जमानत का किया विरोध

जस्टिस एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। पीठ ने कहा कि वह दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले साल 17 सितंबर को अमित कत्याल को जमानत दी थी। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय का आदेश कानून की दृष्टि से गलत है और इसे रद किया जाना चाहिए।

11 अन्य आरोपितों को क्यों नहीं पकड़ा?

कत्याल मामले में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि कोई बड़ी मछली नहीं है। अभी तक मुख्य व्यक्तियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पीठ ने ईडी से पूछा कि केवल छोटी मछलियों के पीछे क्यों पड़े हैं? क्या आप उनके पीछे जाने से डरते हैं, आपने 11 अन्य आरोपितों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया है?

2023 में ईडी ने अमित को किया था गिरफ्तार

ईडी ने अमित कत्याल को 10 नवंबर 2023 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था। हालांकि पिछले साल 17 सितंबर को कत्याल को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हाई कोर्ट ने कहा था कि इस केस में अभी किसी अन्य आरोपित की गिरफ्तारी नहीं की गई। मगर जांच में शामिल होने के बावजूद अमित को उस वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया जब वे रांची की फ्लाइट पकड़ने जा रहे थे।

ईडी ने क्या दिया था तर्क?

जमानत आदेश में कहा गया कि ईडी ने अमित की गिरफ्तारी के पीछे की आवश्यकता के बारे में जानकारी नहीं दी। ईडी का आरोप है कि अमित ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कथित भ्रष्ट आचरण से अर्जित धन का प्रबंधन किया और लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों की सक्रिय रूप से सहायता की थी।

यह भी पढ़ें: 'बड़े शहरों में यहां-वहां ऐसी घटनाएं होती रहती', बेंगलुरु में महिला से छेड़खानी पर गृह मंत्री का विवादित बयान

यह भी पढ़ें: 'मुझे चाहे जेल हो जाए...'; SC के आदेश के बाद नौकरी गंवाने वाले 26000 शिक्षकों से बोलीं CM ममता