रेलवे ने पटरियों का रखरखाव करने वाले मेट, कीमैन, पेट्रोलमैन का जोखिम भत्ता बढ़ाया
सातवें वेतन आयोग के सुझाव पर लागू हो रहे इस निर्णय से सरकार पर 222 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रेलवे ने पटरियों के रखरखाव व मरम्मत करने वाले मेट, कीमैन और पेट्रोलमैन के रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस यानी जोखिम एवं कठिनाई भत्ते में भारी बढ़ोतरी का फैसला किया है। यही नहीं, अब पी वे आर्टिजन (पटरियों की मरम्मत करने वाले) को भी हार्डशिप अलाउंस मिलेगा।
सातवें वेतन आयोग के सुझाव पर लागू हो रहे इस निर्णय से सरकार पर 222 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक वित्त मंत्रालय द्वारा मंजूर प्रस्ताव के तहत मेट और कीमैन को अब 2700 रुपये के बजाय 6000 रुपये प्रति माह के हिसाब से रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस मिलेगा। जबकि पेट्रोलिंग ड्यूटी करने वाले ट्रैकमैन 2700 रुपये के स्थान पर 4100 रुपये का रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस पाने के हकदार होंगे।
इसी प्रकार विशेष 'ए' श्रेणी की लेवल क्रासिंगों पर तैनात गेटमैन अब 1000 रुपये के बजाय 4100 रुपये रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस प्राप्त करेंगे।
सभी प्रकार के पीवे आर्टिजन और उनके हेल्पर, जिन्हें अभी तक रिस्क व हार्डशिप अलाउंस नहीं मिलता वे भी 2700 रुपये का अलाउंस पाने के हकदार होंगे।
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