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'मरा हुआ समाज और...' उन्नाव दुष्कर्म पीडिता और उसकी मां के साथ बदसुलूकी पर भड़के राहुल गांधी

Published: Wed, 24 Dec 2025 04:43 PM (IST)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्नाव रेप केस को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने पूर्व बीजेपी विधायक ...और पढ़ें

राहुल गांधी ने उन्नाव रेप केस पर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने उन्नाव रेप केस पर सरकार को घेरा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को उन्नाव रेप केस को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। यह घटना दिल्ली हाई कोर्ट के एक विवादित आदेश के बाद हुई, जिसमें पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दी गई थी, जिसे 2019 में पीड़िता के साथ रेप का दोषी ठहराया गया था।

राहुल गांधी का सरकार पर हमला

सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर पिदिदा और उसकी मां के साथ हुई बदसुलूकी के बाद राहुल गांधी ने X पर लिखा, 'क्या गैंग रेप पीड़िता के साथ ऐसा बर्ताव जायज है? क्या उसकी गलती यह है कि उसने न्याय के लिए आवाज उठाने की हिम्मत की? यह बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है कि उसके अपराधी को जमानत दे दी गई, खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार परेशान किया जा रहा है और वह डर के साए में जी रही है।

बलात्कारियों को जमानत और पीड़ितों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव, यह किस तरह का न्याय है? हम सिर्फ एक मरी हुई अर्थव्यवस्था ही नहीं हैं ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ, हम एक मरा हुआ समाज भी बनते जा रहे हैं। लोकतंत्र में, असहमति की आवाज उठाना एक अधिकार है और उसे दबाना एक अपराध है। पीड़िता सम्मान, सुरक्षा और न्याय की हकदार है लाचारी, डर और अन्याय की नहीं।'

पीड़िता और उसकी मां के साथ बदसलूकी

यह घटना मंगलवार रात और बुधवार सुबह दिल्ली में हुई। पैरामिलिट्री जवानों को उन्नाव रेप पीड़िता और उसकी मां को मीडिया से बात करने से रोकते हुए बुजुर्ग महिला को चलती बस से कूदने के लिए मजबूर होते हुए दिखाई दिया। पीड़िता और उसकी मां दिल्ली हाई कोर्ट से सेंगर की सजा को सस्पेंड करने के फैसले का विरोध कर रही थीं, जबकि उसकी सजा के खिलाफ अपील अभी पेंडिंग है।

पीड़िता की मां का बयान

पीड़िता की मां ने कहा, 'हमें न्याय नहीं मिला। मेरी बेटी को बंदी बना लिया गया है। ऐसा लगता है कि वे हमें मारना चाहते हैं।' CRPF के जवानों ने लड़की को ले लिया और मुझे सड़क पर छोड़ दिया। हम अपनी जान दे देंगे। हम विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन CRPF के जवानों ने उसे जबरदस्ती उठा लिया।

पीड़िता का सवाल

पीड़िता ने पूछा, 'हमारी न्यायपालिका हमारे साथ ऐसा कैसे कर सकती है?' 'एक इमरजेंसी सुनवाई होनी चाहिए। कुलदीप सिंह के पास अपना काम करवाने के लिए पैसा और पावर है और हमें भुगतना पड़ रहा है।'