राहुल गांधी से मिला LIC एजेंटों का प्रतिनिधिमंडल, कांग्रेस नेता ने कहा- ' महंगे बीमा का मसला संसद में उठाएंगे'
बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से एलआईसी एजेंटों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। लोकसभा में राहुल गांधी ने बीमा क्षेत्र के एलआईसी उपक्रम को मजबूत बनाए रखने की एक बार फिर से पैरोकारी की है। राहुल गांधी ने कहा कि एलआइसी के समावेशी दृष्टिकोण की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि LIC की बढ़ रही चुनौतियों का मसला संसद में उठाएंगे।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार की हिस्सेदारी घटाने पर मुखर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीमा क्षेत्र के इस सबसे बड़े सरकारी उपक्रम को मजबूत बनाए रखने की एक बार फिर से पैरोकारी की है।
साथ ही एलआईसी प्रबंधन की ओर से पिछले कुछ समय में नियमों में किए गए बदलाव को इस बीमा कंपनी के लिए चिंताजनक और खतरनाक बताते हुए कहा कि आम लोगों के हितों का संरक्षण करने के लिए एलआईसी को सुदृढ़ करना जरूरी है।
LIC एजेंटों का प्रतिनिधि मंडल राहुल गांधी से मिला
राहुल गांधी ने बुधवार को संसद भवन परिसर में एलआईसीसी एजेंटों के एक प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान यह राय जाहिर की। इस दौरान एजेंटों के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नियमों में किए गए बदलावों के बारे में अपनी चिंताओं से राहुल गांधी को रूबरू कराते हुए कहा कि नए नियम हाशिए पर रहने वाले सबसे गरीब समुदायों के लिए बीमा को किफायती नहीं बनाते और इससे एजेंटों की स्थिति भी कमजोर हुई है।
राहुल गांधी ने शेयर किया बातचीत का ब्योरा
इस बैठक में हुई बातचीत का ब्यौरा अपने व्हाटस एप चैनल पर साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एलआईसी की स्थापना 1956 में सभी भारतीयों को किफायती बीमा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी और एलआइसी के समावेशी दृष्टिकोण की रक्षा सुनिश्चित करने का मुद्दा संसद में वे खुद उठाएंगे।
कांग्रेस एलआईसी जैसी संस्था के विनिवेश की प्रारंभ से खिलाफत करती रही है। इसलिए मोदी सरकार के समय एलआइसी जब पहली बार अपने शेयर लेकर पूंजी बाजार में आयी तब राहुल गांधी तथा कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।
पहले भी राहुल गांधी ने उठाया था LIC का मुद्दा
लोकसभा में अपने पिछले एक भाषण के दौरान भी नेता विपक्ष ने पूंजी बाजार की अस्थिरता के दौर में एलआईसी को लेकर उठाए गए सरकार के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस वजह से एलआईसी की कुल पूंजी का मूल्यांकन घट गया है। एलआईसी के कर्मचारी संगठनों ने भी विगत में नेता विपक्ष को अपनी चिताओं से रूबरू कराया था।
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